गुना। एमपी के चांचौड़ा क्षेत्र के पेंची गांव में ग्रामीणों की भीड़ ने पुलिस पर लाठी-डंडों व पत्थरों से हमला कर दिया। भीड़ ने पहले एक कॉन्स्टेबल को बंधक बनाया। जिसे छुड़ाने पहुंची पुलिस टीम पर भी हमला हुआ। इस दौरान एक एएसआई गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं कॉन्स्टेबल भी घायल हुआ।
बताया गया है कि मोहम्मदपुर निवासी लोधा समाज की युवती एक मीना समाज के युवक के साथ लापता हो गई थी। दोनों ने 1 जनवरी को प्रेम विवाह कर लिया था। आज इसी मामले को लेकर ग्रामीण व समाजबंधु बीनागंज चौकी पहुंचे, युवती को परिवार के सुपुर्द करने की मांग करने लगे। युवती के बालिग होने के कारण पुलिस ने उसके बयान दर्ज किए। युवती ने युवक के साथ रहने और अपनी सुरक्षा की मांग की। इसके बाद पुलिस ने उसे वन-स्टॉप सेंटर भेज दिया। यह फैसला होने के बाद ग्रामीण चौकी से लौट गए। पेंची गांव पहुंचने के बाद कुछ लोगों ने एनएच-46 पर चक्काजाम की कोशिश शुरू कर दी। इसी दौरान युवक के घर में आग लगाने की धमकियां भी दी गईं, जिससे तनाव और बढ़ गया। स्थिति बिगडऩे की सूचना पर एक कॉन्स्टेबल मौके पर पहुंचा। लेकिन भीड़ ने उसे घेर लिया और बंधक बनाकर लाठी-डंडों से मारपीट शुरू कर दी।छुड़ाने पहुंची टीम पर भी कर दिया हमला-
कॉन्स्टेबल को छुड़ाने चौकी प्रभारी के साथ पुलिस व एसएएफ के आधा दर्जन जवान गांव पहुंचे। इसी दौरान खेतों और घरों की आड़ से आई भीड़ ने पुलिस टीम पर पथराव और लाठियों से हमला कर दिया।
ASI ने कहा, चारों ओर से पथराव किया गया-
हमले में एएसआई नवाब सिंह का सिर फूट गया, उन्होंने बताया कि वे सिपाही को बचाने के लिए आगे बढ़े थे, तभी अचानक चारों ओर से पत्थर चलने लगे। सामने से आते पत्थर दिख रहे थे। लेकिन पीछे और साइड से आए हमलावर नजर नहीं आए। आंखों में मिर्ची डालने की बात भी उन्होंने स्वीकार की।
गांव में पुलिस बल किया गया तैनात-
घटना की सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस बल गांव में तैनात किया गया। घायल पुलिसकर्मियों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। पुलिस ने शासकीय कार्य में बाधा, मारपीट व अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।