जंगली हाथियों ने एक ही रात में 7 लोगों को उतारा मौत के घाट, घबराये ग्रामीणों का पलायन

चाईबासा. पश्चिमी सिंहभूम जिले में जंगली हाथियों के हमले लगातार जानलेवा साबित हो रहे हैं। नोवामुंडी प्रखंड के जेटेया थाना क्षेत्र अंतर्गत बाबरिया गांव में मंगलवार 6 जनवरी की रात करीब 10 बजे जंगली हाथी के हमले में एक ही परिवार के 5 लोगों सहित 7 की मौत हो गई। मृतकों में पति-पत्नी, उनके दो मासूम बच्चे और दूसरे परिवार का एक सदस्य शामिल है। इस हमले में परिवार का एक बच्चा किसी तरह जान बचाने में सफल रहा।

मृतकों की पहचान बाबरिया गांव निवासी सनातन मेराल, उनकी पत्नी जोंकों कुई, उनके दो बच्चे और दूसरे परिवार के मोगदा लागुरी के रूप में हुई है। बताया गया कि सभी लोग घर में सो रहे थे, तभी हाथी ने अचानक घर पर हमला कर दिया। हाथी का आतंक यहीं तक सीमित नहीं रहा। बड़ा पासीया गांव में हाथी के हमले में एक ग्रामीण की मौत हो गई, जबकि लांपाईसाई गांव में भी एक अन्य ग्रामीण को हाथी ने रौंदकर मार डाला। समाचार लिखे जाने तक इन दोनों मृतकों की पहचान नहीं हो सकी थी।

घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। हाथी की निगरानी की जा रही है और प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने के साथ सुरक्षा उपाय किए जाने की बात कही जा रही है।

इससे पहले टोंटो प्रखंड के बांडीझारी गांव निवासी 35 वर्षीय मंगल सिंह हेंब्रम की हाथी के हमले में मौके पर ही मौत हो गई थी। उसी रात बिरसिंहहातु गांव के कुचुबासा टोली निवासी 55 वर्षीय उर्दूप बहंदा की भी जान चली गई। वहीं सदर प्रखंड के रोरो गांव निवासी 57 वर्षीय विष्णु सुंडी की भी हाथी के हमले में मौत हो गई। इन घटनाओं में बिरसिंहहातु गांव की मानी कुंटिया और सुखमति बहंदा गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। ये तीनों घटनाएं एक जनवरी की रात की बताई गई हैं।

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