जबलपुर। जबलपुर जिले में किसानों के साथ ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। निर्माणाधीन रिंग रोड प्रोजेक्ट में ट्रैक्टर लगवाने का झांसा देकर एक गिरोह ने करीब 75 किसानों के ट्रैक्टर हड़प लिए हैं। पीड़ित किसानों को न तो पिछले तीन महीनों का किराया मिला है और न ही उनके ट्रैक्टरों का कुछ पता चल रहा है। मंगलवार को बड़ी संख्या में परेशान किसान एसपी कार्यालय पहुंचे और न्याय की गुहार लगाई।
25 हजार महीने का लालच देकर फंसाया जाल में
जानकारी के अनुसार, जबलपुर के ही रहने वाले दीपक गोस्वामी और उसके साथी विमल पटेल ने गोसलपुर, मंझौली, मझगवां और कुंडम क्षेत्र के किसानों से संपर्क किया था। उन्होंने किसानों को झांसा दिया कि जबलपुर में बन रही रिंग रोड के निर्माण कार्य में ट्रैक्टरों की जरूरत है। किसानों को 25 हजार रुपये प्रति माह किराए का लालच दिया गया। गुलाब राय जैसे कई किसानों ने बताया कि उन्होंने हाल ही में बैंक से फाइनेंस कराकर ट्रैक्टर खरीदे थे ताकि रिंग रोड के काम से मिलने वाले किराए से बैंक की किस्त चुका सकें। भरोसे में आकर किसानों ने करीब 100 से ज्यादा ट्रैक्टर काम पर लगा दिए।
किराया नहीं मिला तो खुला राज, मौके से ट्रैक्टर गायब
शुरुआत में आरोपी दीपक गोस्वामी किसानों के संपर्क में रहा, लेकिन जब तीन महीने बीत जाने के बाद भी किराया नहीं मिला, तो किसानों को शक हुआ। किसान जब रिंग रोड के साइट पर पहुंचे, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। वहां न तो दीपक गोस्वामी मिला और न ही किसानों के ट्रैक्टर। पूछताछ में पता चला कि आरोपी पिछले कई दिनों से वहां नहीं आए हैं और काम पर लगे 75 ट्रैक्टर भी वहां से हटा लिए गए हैं। किसानों ने जब आरोपियों को फोन किया तो उनके मोबाइल बंद मिले। आरोपी विमल पटेल ने भी ट्रैक्टरों के बारे में जानकारी होने से साफ इनकार कर दिया है।
पुलिस ने दर्ज की एफआईआर, गिरोह की तलाश जारी
किसानों की शिकायत के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया है। एएसपी सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि गुलाब राय की शिकायत पर गोसलपुर थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि दीपक गोस्वामी और उसकी गैंग ने इससे पहले दमोह जिले के किसानों के साथ भी इसी तरह की ठगी की थी। पुलिस का मानना है कि यह एक संगठित गिरोह है जो भोले-भाले किसानों को निशाना बना रहा है। फिलहाल आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें रवाना कर दी गई हैं और ट्रैक्टरों की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं।
