खबर है कि स्टेशन रोड स्थित एक डायग्नोस्टिक सेंटर में उचेहरा नगर पंचायत अध्यक्ष निरंजन प्रजापति उम्र 47 वर्ष ने पेट दर्द होने की शिकायत पर सोनोग्राफी कराई। निरंजन प्रजापति ने जब रिपोर्ट देखी तो वे कुछ पल के लिए स्तब्ध रह गए। उनके शरीर में गर्भाशय होने का उल्लेख किया गया वह भी उल्टी स्थिति में। इस गंभीर त्रुटि पर जब सेंटर के डॉक्टर अब चुप्पी साधे हुए है। दूसरा मामला आयुष्मान हॉस्पिटल रिसर्च सेंटर की पैथोलॉजी लैब से जुड़ा है। यहां आरोप है कि भारतीय चिकित्सा परिषद अधिनियम के नियमों का उल्लंघन करते हुए पैथोलॉजी रिपोर्ट डॉक्टर के हस्ताक्षर के बिना जारी की जा रही हैं। रिपोर्ट पर पैथोलॉजिस्ट डॉ साक्षी चौरसिया का नाम तो होता है लेकिन असली हस्ताक्षर नहींख् केवल प्रिंटेड हस्ताक्षर की सील लगी होती है। इस मामले की शिकायत करते हुए वीडियो सीएमएचओ को सौंपा है। इसके साथ मरीज राघव तिवारी की 7 जनवरी 2026 की पैथोलॉजी रिपोर्ट भी दी गई है। रिपोर्ट में गंभीर विसंगति सामने आई। जांच पर्ची में हीमोग्लोबिन 16.8, अंतिम रिपोर्ट में 10.8 रहा। यह अंतर इस ओर इशारा करता है कि जांच प्रक्रिया मानकों के अनुरूप नहीं है। इस तरह के मामले सामने आने के बाद सीएमएचओ डॉ मनोज शुक्ला ने कहा कि जांच कराई जाएगी। लापरवाही पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।