वडोदरा की महिला को जबलपुर में करोड़ों की चपत; जालसाजों ने कूट रचित दस्तावेजों से हड़पी साढ़े 24 एकड़ जमीन


जबलपुर
।  भेड़ाघाट थाना अंतर्गत ग्राम तेवर में बेशकीमती जमीन की हेराफेरी का एक सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। जालसाजों ने कूट रचित (फर्जी) दस्तावेज तैयार कर एक परिवार की करीब साढ़े 24 एकड़ पैतृक जमीन को अवैध रूप से बेच दिया। इस धोखाधड़ी का शिकार हुई वडोदरा (गुजरात) निवासी महिला सविता देसाई ने आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ में न्याय की गुहार लगाई है, जिसके बाद विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

नाम की समानता का फायदा उठाकर रची गई साजिश

​शिकायतकर्ता सविता देसाई के अनुसार, यह पूरी साजिश उनके पिता पं. दत्तात्रेय राव वल्द शंकर राव की संपत्ति को हड़पने के लिए रची गई। जालसाजों ने धोखाधड़ी का एक अनोखा तरीका अपनाया; एक व्यक्ति ने अपने बेटे का नाम हूबहू सविता के पिता के नाम पर रख लिया। इसके बाद उसे ही जमीन का असली मालिक घोषित करते हुए राजस्व रिकॉर्ड में हेरफेर की गई। इस फर्जीवाड़े के जरिए खसरा क्रमांक 526, 252 और 321 की साढ़े 24 एकड़ जमीन को तीन अन्य व्यक्तियों को अनाधिकृत रूप से बेच दिया गया।

करोड़ों का नुकसान और प्रशासन की सुस्ती पर सवाल

​पीड़ित पक्ष का कहना है कि उनके पिता का निधन 15 अप्रैल 2003 को हो गया था, लेकिन उनकी मृत्यु के बाद फर्जी दस्तावेजों के सहारे मालिकाना हक बदल दिया गया। इस घोटाले से जहां शासन को भारी राजस्व की हानि हुई है, वहीं सविता देसाई के परिवार को वर्तमान बाजार मूल्य के अनुसार करीब 4 करोड़ रुपये की आर्थिक क्षति पहुंची है। मामले में चिंता का विषय यह है कि ईओडब्ल्यू में शिकायत दर्ज कराए लंबा समय बीत चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस दंडात्मक कार्रवाई नहीं होने से पीड़ित परिवार मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान है।

Post a Comment

Previous Post Next Post