सागर. मध्यप्रदेश के सागर जिले में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) विभाग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (चीफ एक्जीक्यूटिव ऑफिसर) को 1 लाख 50 हजार रुपये के रिश्वत की पहली किश्त लेते हुए सागर लोकायुक्त टीम ने रंगे हाथों पकड़ा है। इस कार्रवाई से हड़कम्प मचा है.
सागर में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एसएल बाथम के खिलाफ शैलेश कुमार नाम के ठेकेदार ने रिश्वत मांगे जाने की शिकायत लोकायुक्त कार्यालय सागर में दर्ज कराई थी। अपनी शिकायत में ठेकेदार शैलेश कुमार ने बताया था वो नल जल योजना का काम कर रहा है। उसने 2 करोड़ 16 लाख रुपये का बिल पीएचई विभाग में लगाया था। जिसका भुगतान होना बाकी है और भुगतान न होने के कारण करीब 10 महीने से काम रुका हुआ है। इसी बिल को पास करने के एवज में मुख्य कार्यपालन अधिकारी एसएल बाथम ने उससे 3.5 प्रतिशत यानी कुल मिलाकर 6 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की। रिश्वत की रकम नहीं दिए जाने पर अधिकारी बिल पास नहीं कर रहे हैं।
1.5 लाख की किस्त लेते पकड़ाया
लोकायुक्त की टीम ने शिकायत की जांच की और शिकायत सही पाए जाने पर बुधवार को जाल बिछाकर रिश्वत की पहली किस्त के तौर पर 1.5 लाख रुपये देने के लिए ठेकेदार शैलेश कुमार को मुख्य कार्यपालन अधिकारी एसएल बाथम के पास भेजा। अधिकारी बाथम ने रिश्वत की रकम अपने ड्राइवर फूल सिंह यादव के माध्यम से जैसे ही पीएचई ऑफिस के बाहर कार में लिए तो सादे कपड़ों में मौजूद लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगेहाथों धरदबोचा।
