माता-पिता का ख्याल नहीं रखने वाले कर्मचारियों पर सरकार सख्त, कटेगी 15% सैलरी, सीधे बुजुर्गों के खाते में होगी ट्रांसफर

नई दिल्ली। बुजुर्गों (माता-पिता) की अनदेखी करने वाले सरकारी कर्मचारियों पर नकेल कसने के लिए तेलंगाना सरकार एक ऐतिहासिक और मानवीय फैसला लेने जा रही है। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने स्पष्ट कर दिया है कि जो कर्मचारी अपने माता-पिता की देखभाल नहीं करेंगे, उनके वेतन से सीधे तौर पर कटौती की जाएगी।

एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने इस प्रस्तावित कानून की रूपरेखा साझा की। उन्होंने कहा कि यह कदम समाज में बुजुर्गों के प्रति गिरती जिम्मेदारी और उनके सम्मान को बचाने के लिए उठाया जा रहा है।

वेतन से होगी 15 प्रतिशत तक कटौती

मुख्यमंत्री के अनुसार, सरकार आगामी बजट सत्र में एक विशेष विधेयक पेश करने की तैयारी में है। इस कानून के लागू होने के बाद-

- जो कर्मचारी अपने माता-पिता की उपेक्षा करेंगे, उनके वेतन से 10 से 15 फीसदी की कटौती की जाएगी।

- काटी गई यह राशि बिना किसी देरी के सीधे माता-पिता के बैंक खाते में हस्तांतरित कर दी जाएगी।

सीएम ने कड़े शब्दों में कहा, जो लोग अपने जन्मदाताओं की देखभाल नहीं कर सकते, वे समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी कभी नहीं निभा पाएंगे।

प्रणाम डे केयर सेंटर और सख्त कार्रवाई

सरकार केवल वेतन कटौती तक ही सीमित नहीं रहेगी। वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा और सम्मान के लिए अन्य घोषणाएं भी की गईं-

प्रणाम सेंटर: बुजुर्गों के लिए प्रणाम नाम से अत्याधुनिक डे केयर सेंटर बनाए जाएंगे।

त्वरित शिकायत निवारण: बुजुर्ग माता-पिता द्वारा अपने बच्चों के खिलाफ की गई शिकायतों पर त्वरित और कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

सम्मानजनक जीवन: सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य का हर बुजुर्ग गरिमापूर्ण जीवन जी सके।


Post a Comment

Previous Post Next Post