पुलिस अधिकारियों के अनुसार मजदूरों को रौंदने के बाद चालक कार लेकर भाग निकला था। जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार जुटी हुई है। इस बीच पुलिस को खबर मिली कि कार सिहोरा में क्षतिग्रस्त हालत में खड़ी है, जिसपर पुलिस की टीम सिहोरा पहुंची और कार को जब्त कर लिया। कार दीपक सोनी की है, जिसे उनका छोटा भाई लखन निवासी ग्राम पोंडा सिहोरा चला रहा था। पुलिस का कहना है कि हादसे के बाद कार लेकर भागा लखन सोनी सीधे सिहोरा पहुंचा है, यहां पर उसने कार को निशांत अहमद कुरैशी के घर में पार्क किया और कवर चढ़ाकर भाग निकला। जिसकी तलाश में जुटी पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। पुलिस का कहना है कि लखन फिजियोथेरेपी का काम भी करता है और इसी सिलसिले में अक्सर निशांत के घर आता-जाता रहा, उसने कार पार्क करने की अनुमति ली और बाउंड्रीवाल के सामने खड़ी कर दी थी। गौरतलब है कि रविवाद को दोपहर के वक्त बरेला से जबलपुर की ओर आ रही तेज रफ्तार सफेद कार ने सड़क किनारे भोजन कर रहे 13 मजदूरों को टक्कर मारकर कुचल दिया था। हादसे में चैनवती बाई उम्र 40 वर्ष व लच्छो बाई 40 वर्ष की मौके पर ही मौत हो गई थी। वहीं इलाज के दौरान गोमता बाई 40वर्ष, वर्षा कुशराम 45 वर्ष व कृष्णा बाई 40 वर्ष की इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके अलावा 8 मजदूरों को गंभीर चोटें आई, जिन्हे इलाज के लिए मेडिकल अस्पताल में भरती कराया गया था।