117 करोड़ का लायर्स चेंबर प्रोजेक्ट अधर में,हाईकोर्ट सख्त


हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा, शिलान्यास के बाद क्यों रुकी बजट फाइल

जबलपुर। हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति विनय सराफ की युगलपीठ ने सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बजट स्वीकृति पर अंतिम निर्णय लेने में सरकार टालमटोल कर रही है। पिछली सुनवाई (17 दिसंबर 2025) को भी सरकार ने ऐसा ही निवेदन किया था, लेकिन कोई प्रगति नहीं हुई। अब कोर्ट ने आदेश दिया है कि 28 जनवरी 2026 को होने वाली अगली सुनवाई में वित्त विभाग के सचिव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग  के माध्यम से जुड़ें और देरी का ठोस कारण स्पष्ट करें। जबलपुर हाई कोर्ट के गेट नंबर चार के सामने करीब 117 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक लायर्स चेंबर और मल्टी लेवल पार्किंग का निर्माण होना है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का शिलान्यास 4 मई 2025 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीशों की उपस्थिति में बड़े ही धूमधाम से किया गया था। हालांकि, भूमि पूजन के 6 महीने बाद भी वित्त विभाग से बजट की अंतिम स्वीकृति न मिलने के कारण काम शुरू नहीं हो सका है।

​सरकार की दलील और कोर्ट की टिप्पणी

​राज्य सरकार की ओर से कोर्ट में दलील दी गई कि वित्त विभाग ने परियोजना कार्यान्वयन इकाई  से कुछ स्पष्टीकरण मांगे हैं, जिसके कारण प्रक्रिया में समय लग रहा है। इस पर कोर्ट ने टिप्पणी की कि सक्षम प्राधिकारियों से शीघ्रता की अपेक्षा थी, लेकिन मामले को लटकाया जा रहा है। हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष धन्य कुमार जैन की ओर से दायर जनहित याचिका में कहा गया है कि बजट के अभाव में यह महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट अधर में है, जिससे वकीलों और पक्षकारों को असुविधा हो रही है।

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