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एमपी की 8 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का केंद्रीय मंत्री गडकरी शनिवार को करेंगे लोकार्पण-शिलान्यास, यहां देखिये प्रोजेक्ट्स की लिस्ट

भोपाल. केंन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी शनिवार, 17 जनवरी को मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में 4,400 करोड़ रुपये से अधिक लागत से निर्मित और प्रस्तावित 8 राष्ट्रीय राजमार्ग परियाजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे।

इस संबंध में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 181 किलोमीटर लम्बी ये परियोजनाएं मध्य भारत और बुंदेलखंड क्षेत्र की सड़क कनेक्टिविटी को मजबूती प्रदान करेंगी और प्रदेश के सड़क एवं परिवहन अवसंरचना विकास की दिशा में एक ओर ऐतिहासिक अध्याय जुड़ेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि मध्य प्रदेश को मिल रही ये परियोजनाएं क्षेत्रीय विकास, औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार, आवागमन की सुगमता और आर्थिक प्रगति को नई गति प्रदान करेंगी। साथ ही सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने और कुशल, प्रशिक्षित चालकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में 3 आधुनिक ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर परियोजनाओं का भी शिलान्यास किया जाएगा।

ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर: सड़क सुरक्षा की मजबूत नींव

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की पहल के तहत विदिशा और सागर जिलों में प्रस्तावित 3 ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं से युक्त होंगे। आईडीटीआर एवं आरडीटीसी अवधारणा पर विकसित ये केंद्र सुरक्षित, अनुशासित और जिम्मेदार ड्राइविंग को प्रोत्साहित करेंगे, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी। इन तीनों सेंटर का शिलान्यास भी किया जायेगा।

लोकार्पित होने वानी परियोजनाएं

1. रातापानी वन्यजीव अभ्यारण्य क्षेत्र, अब्दुल्लागंज-इटारसी खंड

4-लेन चौड़ीकरण लंबाई- 12 किमी, लागत- 418 करोड़ रुपये

यह परियोजना ओबेदुल्लागंज-इटारसी-बैतूल कॉरिडोर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो बैतूल के माध्यम से नागपुर तक बेहतर सड़क संपर्क प्रदान करती है। पहले यह खंड दो-लेन का होने के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक प्रमुख बॉटलनेक बना हुआ था, जिससे भारी यातायात जाम की स्थिति उत्पन्न होती थी। परियोजना के अंतर्गत वन्यजीव संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए एनिमल अंडरपास एवं साउंड-प्रूफ कॉरिडोर का निर्माण किया गया है, जिससे टाइगर सहित अन्य वन्यजीवों को सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित होगी और मानव-वन्यजीव संघर्ष में कमी आएगी।

2 देहगांव-बम्होरी मार्ग का निर्माण कार्य

लंबाई- 27 किमी, लागत- 60 करोड़ रुपये

शिलान्यास होने वाली परियोजनाएं

1. भोपाल-विदिशा खंड का 4-लेन चौड़ीकरण

लंबाई- 42 किमी, लागत- 1,041 करोड़ रुपये

यह परियोजना भोपाल-कानपुर कॉरिडोर का एक प्रमुख हिस्सा है, जिसका उद्देश्य मौजूदा मार्ग को हाई-कैपेसिटी नेशनल हाईवे मानकों के अनुरूप विकसित करना है। परियोजना से अंतर-जिला एवं अंतर-राज्यीय यातायात अधिक सुगम होगा तथा लंबी दूरी और माल ढुलाई ट्रैफिक की आवाजाही सुरक्षित एवं तेज़ बनेगी। इस मार्ग से रायसेन जिले में स्थित यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल सांची तक बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे पर्यटन, व्यापार और क्षेत्रीय विकास को प्रोत्साहन मिलेगा।

2. विदिशा-ग्यारसपुर खंड का 4-लेन चौड़ीकरण

लंबाई- 29 किमी, लागत 543 करोड़ रुपये

इस परियोजना से विदिशा और आसपास के क्षेत्रों के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी। चौड़ीकरण और ज्यामितीय सुधारों से सड़क सुरक्षा एवं ड्राइविंग आराम में वृद्धि होगी। परियोजना से सांची जैसे ऐतिहासिक स्थलों तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित होगी.

3. ग्यारसपुर-राहतगढ़ खंड का 4-लेन चौड़ीकरण

लंबाई- 36 किमी, लागत- 903 करोड़ रुपये.

4 राहतगढ़-बेरखेड़ी खंड का 4-लेन चौड़ीकरण

लंबाई- 10 किमी, लागत- 731 करोड़ रुपये

यह परियोजना राष्ट्रीय एवं अंतर-राज्यीय यातायात के लिए सड़क क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। चौड़ीकरण से यातायात सुचारू होगा और दुर्घटनाओं के जोखिम में कमी आएगी। इसके माध्यम से व्यापार, कृषि उत्पादों के परिवहन और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी।

5. सागर वेस्टर्न बायपास (ग्रीनफील्ड) का 4-लेन निर्माण

लंबाई- 20.2 किमी, लागत- 688 करोड़ रुपये

यह परियोजना एनएच-146 को सीधे एनएच-44 से जोडऩे के उद्देश्य से प्रस्तावित है, जिससे सागर शहर के भीतर से गुजरने वाले ट्रैफिक को बाहर डायवर्ट किया जा सकेगा। बायपास के निर्माण से यात्रा समय में लगभग 70 प्रतिशत तक की कमी आएगी और लॉजिस्टिक दक्षता में उल्लेखनीय सुधार होगा।

6. भोपाल-ब्यावरा खंड पर 05 अंडरपास (एलवीयूपी/वीयूपी)

लंबाई- 5 किमी, लागत- 122 करोड़ रुपये

यह परियोजना ब्लैकस्पॉट सुधार के तहत विकसित की जा रही है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। अंडरपास निर्माण से हाईवे एवं स्थानीय मार्गों के बीच सुरक्षित और बाधारहित यातायात सुनिश्चित होगा। परियोजना से ग्रामीण-शहरी कनेक्टिविटी मजबूत होगी तथा व्यापार, कृषि और सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

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