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भुगतान न मिलने से भड़के किसान, 100 से ज्यादा ट्रैक्टर लेकर मजीठा वेयर हाउस घेरा,देखें वीडियो


जबलपुर।
जिले के शहपुरा क्षेत्र के किसानों का धैर्य अब जवाब दे गया है। पिछले 6 महीनों से ग्रीष्मकालीन मूंग और उड़द के उपार्जन का भुगतान न होने से नाराज सैकड़ों किसान बुधवार को 100 से अधिक ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ भेड़ाघाट स्थित एमएलटी मजीठा वेयर हाउस पहुंच गए। प्रशासन की उदासीनता और अधिकारियों की कथित मिलीभगत के खिलाफ किसानों ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। किसानों का स्पष्ट कहना है कि यदि सरकार भुगतान नहीं कर सकती, तो उनकी उपज उन्हें वापस कर दी जाए।

अधिकारियों की मिलीभगत, करोड़ों का घोटाला


मामले की जड़ में सेवा सहकारी समिति बसेड़ी द्वारा किया गया उपार्जन है। सरकार द्वारा एमएसपी दर पर खरीदी तो की गई, लेकिन वेयर हाउस की जांच में भारी अनियमितताएं और माल कम पाया गया। इसके बाद प्रशासन ने समिति प्रभारी, वेयर हाउस संचालक और अन्य कर्मचारियों पर धोखाधड़ी की एफआईआर भी दर्ज की। हालांकि, पीड़ित किसानों का आरोप है कि जांच अधिकारियों ने ही आरोपियों के साथ मिलकर उनके खिलाफ षडयंत्र रचा और उन्हें 'फर्जी' साबित करने की कोशिश की, जिसके कारण करोड़ों रुपये का भुगतान अटक गया है।

खून से लिखा पत्र और आर्थिक बदहाली की मार

​किसानों की आर्थिक स्थिति इस कदर खराब हो चुकी है कि वे कर्ज के बोझ तले दब रहे हैं। अपनी पीड़ा व्यक्त करने के लिए किसानों ने पूर्व में एसडीएम शहपुरा को ज्ञापन सौंपा था और विरोध स्वरूप खून से लिखा पत्र भी दिया था। अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काटकर थक चुके किसानों ने अब एकजुट होकर अपनी उपज वापस लेने की मांग उठाई है। किसानों का कहना है कि उनकी मेहनत की कमाई को प्रशासनिक फाइलों और घोटालों की भेंट नहीं चढ़ने दिया जाएगा।

किसान संगठनों ने दिया समर्थन,चेतावनी

​मजीठा वेयर हाउस में जुटे हजारों किसानों को विभिन्न संगठनों का पुरजोर समर्थन मिल रहा है। इस आंदोलन में भारत कृषक समाज और भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी उपज वापस नहीं मिल जाती या भुगतान की ठोस प्रक्रिया शुरू नहीं होती, वे पीछे नहीं हटेंगे। मौके पर भारी संख्या में किसान अपने ट्रैक्टरों के साथ डटे हुए हैं, जिससे प्रशासन पर दबाव बढ़ता जा रहा है।

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