शुल्क वसूली में गड़बड़ी पर बड़ी कार्रवाई: दो आधार सेंटरों की सुरक्षा निधि राजसात, ऑपरेटर आजीवन प्रतिबंधित
जबलपुर। आधार पंजीयन और अपडेशन कार्य में निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूलने की शिकायतों पर जिला पंचायत सीईओ अभिषेक गेहलोत ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। जिले के दो आधार सेंटरों की सुरक्षा निधि जब्त कर ली गई है, जबकि संबंधित ऑपरेटरों को आधार कार्य से आजीवन प्रतिबंधित कर दिया गया है। साथ ही यूआइडीएआइ के भोपाल क्षेत्रीय कार्यालय को इन ऑपरेटरों को तत्काल ब्लैकलिस्ट करने और पेनाल्टी लगाने की अनुशंसा की गई है।
-शिकायतों पर कार्रवाई जारी रहेगी
ई-गवर्नेंस के जिला प्रबंधक चित्रांशु त्रिपाठी ने बताया कि मझौली और पाटन जनपद पंचायत के कुछ आधार केंद्रों से निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूले जाने की शिकायतें मिली थीं। जिला पंचायत सीईओ अभिषेक गहलोत के निर्देश पर दोनों जनपद पंचायतों के सीईओ ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में मझौली क्षेत्र के एक आधार केंद्र पर ऑपरेटर द्वारा डेमोग्राफिक अपडेशन के लिए निर्धारित 75 रुपये की जगह 100 रुपये वसूलना पाया गया। वहीं पाटन जनपद पंचायत के एक केंद्र में नए आधार पंजीयन के लिए 100 रुपये वसूले जा रहे थे, जबकि यह सेवा पूरी तरह निःशुल्क है।निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर जिला पंचायत सीईओ ने दोनों केंद्रों की सुरक्षा निधि ,50 हजार और 2 लाख रुपये ई-गवर्नेंस सोसायटी में राजसात करने के आदेश जारी किए। साथ ही दोषी ऑपरेटर मुस्कान लोधी और साक्षी कोष्टा को आजीवन आधार कार्य करने से प्रतिबंधित कर दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि नागरिकों से अधिक शुल्क वसूलना गंभीर अनियमितता है और भविष्य में ऐसी शिकायत मिलने पर इसी प्रकार कठोर कदम उठाए जाएंगे।
जनता निडर होकर शिकायत करे:सीईओ
जिला पंचायत सीईओ अभिषेक गेहलोत ने कहा कि जनता से आग्रह है कि निःशुल्क सेवाओं में राशि वसूली की शिकायत खुलकर करे ताकि कार्रवाई की जा सके।
