पेंशनर्स दिवस : पेंशनरों के मंहगाई राहत में भेदभाव


बिजली कंपनियां पेंशनर्स को पुनः बिजली बिल सुविधा दें

जबलपुर। राज्य सरकार और ऊर्जा विभाग को पेंशनरों को मंहगाई राहत नियमित कर्मियों के साथ ही एक समान रूप से देना चाहिए। इनमें भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए। नियमित कर्मचारियों के महंगाई भत्ता और पेंशनर्स को देए महंगाई राहत, परिवार पेंशन राहत में लम्बे समय से अंतर चला आ रहा है इसे खत्म करना चाहिए। बिजली कंपनियों में पेंशनर्स को पूर्व में मिल रही बिजली बिल में राहत सुविधा को पुनः प्रारंभ करना चाहिए। यह कहना था मध्यप्रदेश विधुत कर्मचारी संघ फेडरेशन के महामंत्री राकेश पाठक का। इन्होंने पेंशनर्स दिवस पर कहा कि संस्थान, उघोग की प्रगति और समृद्धि के लिए अपने जीवन का अमूल्य समय, योगदान देने वाले पेंशनर्स होते हैं। शासन-प्रशासन और प्रबंधन को उनके सम्मान एवं समस्याओं के समाधान के लिए संवेदनशीलता के साथ सकारात्मक सोच से निर्णय व कार्य करना चाहिए। 

पाठक ने बताया कि मध्यप्रदेश पुनर्गठन 2000 की धारा 49 6 का विलोपन किया जाएं, जिससे मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ राज्य के लगभग सात से आठ लाख पेंशनरों को राज्य कर्मचारियों को देय तिथि से ही मंहगाई राहत का लाभ मिल सके। आज 25 वर्षों से पेंशनर्स लगातार परेशान हो रहे हैं। उनके साथ इस धारा के नाम से लम्बे समय से भेदभाव हों रहा है।

पेंशनर्स दिवस पर फेडरेशन के वरिष्ठ नेता यूके पाठक, दिनेश दुबे, सीताराम कुरचानिया, अनूप वर्मा, केएन अग्निहोत्री, उमाशंकर दुबे,  विमल महापात्र, अवनीश तिवारी, मोहन श्रीवास, एमपी तिवारी, राजेश मिश्रा, अजय चौबे, विनय पाठक, रवि चौबे, मोहित पटेल, योगेश पटेल, अक्षय श्रीवास्तव ने पेंशनर्स साथियों के सक्रिय जीवन और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।

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