बताया गया है कि अविनाश पहले वनगांव सब-स्टेशन में पदस्थ था। कुछ दिन पहले ही उसे लालू पिपरिया सब-स्टेशन भेजा गया था। बुधवार को नाइट शिफ्ट पूरी करने के बाद उसने यार्ड में लगे कैपेसिटर स्ट्रक्चर के एंगल पर मफलर बांधकर फांसी लगा ली। अविनाश द्वारा फांसी लगाए जाने की खबर मिलते ही परिजनों सहित अन्य लोग पहुंच गए, जिन्होने जमकर हंगामा किया, वे शव उतारने से पहले बड़े अधिकारियों को बुलाने की जिद पर अड़े रहे। भाई राहुल ने आरोप लगाया कि जूनियर इंजीनियर प्रदीप सिंगोतिया उसके भाई को मानसिक रूप से प्रताडि़त कर रहे थे। राहुल ने कार्यपालन यंत्री को बुलाने के बाद ही कार्रवाई करने की जिद पकड़ ली। सूचना पर ईई एसबी. सिंह पहुंचे और परिवार को समझाइश दी, तब मामला शांत हुआ। हंगामें के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए शासकीय अस्पताल पहुंचाकर मर्ग कायम कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मर्ग जांच में जो भी तथ्य सामने आएगे उस आधार पर आगे की कार्यवाही की जाएगी।