भोपाल. मध्य प्रदेश में दिसंबर महीने में सर्दी ने अपनी पकड़ मजबूत कर ली है और तापमान के कई रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। बीते 24 घंटों में प्रदेश का मौसम भले ही शुष्क रहा हो, लेकिन रात के तापमान में आई भारी गिरावट से शीतलहर का असर साफ दिखाई दिया है। प्रदेश में सबसे ठंडा शहडोल रहा, जहा न्यूनतम तापमान 3.8 डिसे दर्ज किया गया.
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, लगातार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और जेट स्ट्रीम के प्रभाव के कारण तापमान तेजी से गिर रहा है और 13 दिसंबर से एक नया सिस्टम बनने के कारण ठंड का प्रकोप अगले कई दिनों तक जारी रहने की संभावना है।
प्रदेश में शहडोल सबसे ठंडा, 3.9 डिसे रहा तापमान
मध्य प्रदेश में दिसंबर की शुरुआत से ही मौसम शुष्क बना हुआ है, लेकिन ठंड लगातार बढ़ रही है। रात के तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे कई जिलों में शीतलहर का प्रभाव बढ़ गया है। सबसे चौंकाने वाला बदलाव इंदौर में दिखा, जहाँ ठंड ने पिछले दस साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया और शहर हिल स्टेशन पचमढ़ी से भी ज्यादा ठंडा दर्ज किया गया। प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान शहडोल जिले के कल्याणपुर में 3.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे यह प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा। वहीं, खंडवा 30.1 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म जिला रहा।
पश्चिमी विक्षोभ और जेट स्ट्रीम का असर
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर भारत से लगातार आ रहे पश्चिमी विक्षोभ और जेट स्ट्रीम के असर के कारण मध्य प्रदेश में बर्फीली हवाओं का बहाव बढ़ गया है, जिससे तापमान में तेजी से गिरावट आई है। भारतीय मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 13 दिसंबर से एक और नया सिस्टम बन रहा है। इस सिस्टम की वजह से अगले कई दिनों तक उत्तरी और बर्फीली हवाएँ लगातार बहती रहेंगी, जिससे ठंड का असर और भी बढ़ेगा।
