गौरीघाट की सफाई व्यवस्था का निगमायुक्त ने किया निरीक्षण, बेहतर प्रबंधन के दिए निर्देश
जबलपुर। नगर निगम आयुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने शुक्रवार को गौरीघाट क्षेत्र में सफाई व्यवस्था का सघन निरीक्षण किया। उन्होंने घाटों की स्थितियों का बारीकी से अवलोकन करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वच्छता व्यवस्था को और मजबूत बनाकर इसे एक आदर्श घाट क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाए।निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त ने स्थानीय समुदाय से संवाद स्थापित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने घाटों पर मौजूद पंडितों, व्यापारियों और नाविकों से व्यक्तिगत रूप से चर्चा की और सभी से अपील की कि वे घाटों को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित रखने में सक्रिय योगदान दें। निगमायुक्त ने कहा कि स्थायी सफाई व्यवस्था तभी संभव है जब समुदाय भी इसमें बराबर का भागीदार बने। दुकानदारों के साथ आयोजित बैठक में उन्होंने दुकानों में अनिवार्य रूप से डस्टबिन रखने और डिस्पोजल सामग्री के प्रयोग से बचने के निर्देश दिए। माहौल को आत्मीय बनाने के लिए निगमायुक्त ने दुकानदारों को चाय भी पिलाई, जिससे संवाद और अधिक सौहार्दपूर्ण हो गया। साथ ही, निगम द्वारा घाट क्षेत्र के दुकानदारों और नाविकों की अधिकृत सूची तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिससे व्यवस्थापन स्पष्ट और सुगठित हो सके।
निराश्रितों के लिए मानवीय पहल
निरीक्षण के दौरान घाटों पर सो रहे निराश्रित व बेसहारा लोगों के प्रति निगमायुक्त ने विशेष संवेदनशीलता दिखाई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन व्यक्तियों को तुरंत रैन बसेरों और आश्रय स्थलों तक पहुँचाया जाए, जहाँ उन्हें भोजन, रहने और ठंड से बचाव की सुविधा उपलब्ध है। निगमायुक्त ने निराश्रितों से आत्मीय संवाद करते हुए कहा, “रैन बसेरों में आपके लिए पूरी व्यवस्था है, वहाँ चलकर सुरक्षित रहें।”निरीक्षण के दौरान अपर आयुक्त देवेंद्र सिंह चौहान, उपायुक्त संभव अयाची, स्वास्थ्य अधिकारी अंकिता बर्मन, सहायक नोडल अधिकारी अभिनव मिश्रा, संभागीय अधिकारी पवन श्रीवास्तव, सहायक स्वास्थ्य अधिकारी अनिल बारी, अर्जुन यादव, मुख्य स्वच्छता निरीक्षक वैभव तिवारी, सौरभ, किशन दुबे सहित स्वच्छता सेल के कंसल्टेंट मौजूद रहे।

