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जबलपुर रेल मंडल में डॉ. भीमराव अंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर श्रद्धांजलि सभा का हुआ आयोजन

जबलपुर। पश्चिम मध्य रेले के जबलपुर रेल मंडल में आज सोमवार 08 दिसम्बर को प्रात: 11:00 बजे मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय के प्रांगण में भारत रत्न, संविधान निर्माता, समाज सुधारक एवं आधुनिक भारत के शिल्पकार डॉ. भीमराव रामजी अंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर एक श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मंडल रेल प्रबंधक श्री कमल कुमार तलरेजा द्वारा डॉ. बी. आर. अंबेडकर की प्रतिमा/चित्र पर माल्यार्पण कर तथा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। उन्होंने बाबा साहब के प्रति विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि डॉ. अंबेडकर द्वारा प्रदत्त संवैधानिक मूल्य—समानता, बंधुत्व, न्याय और स्वतंत्रता—आज भी राष्ट्र को दिशा प्रदान कर रहे हैं। उनका जीवन संघर्ष, दृढ़ इच्छा शक्ति, शिक्षा के प्रति समर्पण तथा सामाजिक समरसता का संदेश प्रत्येक भारतीय के लिए प्रेरणा का अथाह स्रोत है।

इसके उपरांत अपर मंडल रेल प्रबंधक श्री आनंद कुमार एवं श्री सुनील टेलर ने भी पुष्प अर्पित कर बाबा साहब को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। अधिकारियों ने कहा कि डॉ. अंबेडकर के विचारों का अनुसरण कर ही हम मजबूत, समानता-आधारित एवं प्रगतिशील भारत का निर्माण कर सकते हैं।

कार्यक्रम में मंडल के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से, वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी श्री सुबोध विश्वकर्मा, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक डॉ. मधुर वर्मा, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री शशांक गुप्ता, वरिष्ठ मंडल विद्युत अभियंता श्री रामबदन मिश्रा, वरिष्ठ मंडल इंजीनियर श्री राहुल जयपुरियार, वरिष्ठ मंडल वित्त प्रबंधक श्री रजनीकांत साहू, सहायक कार्मिक अधिकारी श्री पंकज सिन्हा, सहायक वाणिज्य प्रबंधक श्री गुन्नार सिंह, सहित विभिन्न विभागों के अनेक अधिकारी और बड़ी संख्या में कर्मचारीगण भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे तथा सभी ने डॉ. अंबेडकर के चित्र के समक्ष पुष्प अर्पित कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने बाबा साहब के प्रेरणादायक जीवन और उनके द्वारा प्रदत्त मूल्यों को आत्मसात करने का संदेश देते हुए कहा कि रेलवे परिवार को भी उनके विचारों को अपने कार्यों और व्यवहार में उतारने का प्रयास करना चाहिए, जिससे सेवा, समर्पण एवं जिम्मेदारी की भावना और सुदृढ़ हो सके।

अंत में सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने यह संकल्प लिया कि वे संविधान निर्माता डॉ. अंबेडकर के बताए मार्ग पर चलते हुए समानता, कर्तव्यनिष्ठा और जनसेवा की भावना को और अधिक प्रभावी रूप से कार्यस्थल पर लागू करेंगे।

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