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जबलपुर: क्या शनिवार को भी खुलेंगे कोर्ट? वकीलों ने दर्ज कराया ऐतराज


विशेष कार्यदिवस का विरोध: वकीलों ने मुख्य न्यायाधीश को प्रेषित किया पत्र

जबलपुर। जबलपुर में अधिवक्ताओं और न्यायपालिका के बीच कार्य दिवसों को लेकर खींचतान बढ़ती नजर आ रही है। हाल ही में हाई कोर्ट एडवोकेट्स बार एसोसिएशन, जबलपुर के सचिव अधिवक्ता निखिल तिवारी ने मुख्य न्यायाधीश के नाम एक औपचारिक पत्र सौंपा है। यह पत्र रजिस्ट्रार जनरल धरमिंदर सिंह के माध्यम से प्रेषित किया गया है। पत्र का मुख्य उद्देश्य शनिवार को विशेष कार्यदिवस घोषित किए जाने के निर्णय पर विरोध दर्ज कराना और वकीलों की समस्याओं से शीर्ष नेतृत्व को अवगत कराना है। एसोसिएशन का तर्क है कि वकीलों के हितों को ध्यान में रखे बिना लिए गए इस तरह के निर्णय से न केवल वकीलों की दिनचर्या प्रभावित होगी, बल्कि न्याय प्रक्रिया की गुणवत्ता पर भी इसका असर पड़ सकता है। वकीलों के अनुसार, शनिवार को कार्यदिवस बनाने से उन पर काम का मानसिक और शारीरिक बोझ अनावश्यक रूप से बढ़ जाएगा।

फुल कोर्ट मीटिंग पर जोर

​पत्र में इस बात पर विशेष जोर दिया गया है कि इस संवेदनशील मुद्दे को सुलझाने के लिए एक 'फुल कोर्ट मीटिंग' बुलाई जानी चाहिए। सचिव निखिल तिवारी ने स्पष्ट किया कि अधिवक्ताओं की मांग पर एक आपातकालीन बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें सर्वसम्मति से विशेष कार्यदिवस का विरोध करने का निर्णय लिया गया। वकीलों का कहना है कि बार एसोसिएशन के कामकाज और अधिवक्ताओं की व्यक्तिगत तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिलना अनिवार्य है। अधिवक्ताओं का मानना है कि यदि इस निर्णय को वापस नहीं लिया गया, तो इससे बार के सुचारू कामकाज में बाधा आएगी और वकीलों को अदालती कार्यवाही की तैयारी के लिए उचित समय नहीं मिल पाएगा। इस पत्र के माध्यम से मांग की गई है कि न्यायपालिका वकीलों की व्यवहारिक कठिनाइयों को समझे और एक ऐसा बीच का रास्ता निकाले जिससे न्याय की गति भी बनी रहे और वकीलों का कल्याण भी बाधित न हो।

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