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मध्यप्रदेश में इंडिगो की 11 से ज्यादा उड़ाने रद्द, क्रू की कमी से कई विमान लेट,

 

           भोपाल। एमपी में इंडिगो की 11 से ज्यादा उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। इंदौर एयरपोर्ट के टर्मिनल मैनेजर का कहना है कि इंडिगो में क्रू प्रॉब्लम होने के कारण इंदौर आने-जाने वाली 4-5 फ्लाइट कैंसिल हैं। कुछ फ्लाइट लेट भी चल रही हैं। उन्होंने बताया कि क्रू मेंबर की कमी के कारण आज इंडिगो की देशभर से संचालित होने वाली 70 से ज्यादा उड़ानें रद्द कर दी गई हैं।

                                     मामले में इंडिगो प्रबंधन ने पुष्टि करते हुए कहा कि कुछ दिनों में हमें कई अनिवार्य कारणों से देरी और कैंसिलेशन का सामना करना पड़ा है। इनमें तकनीकी समस्याएं, हवाई अड्डों पर भीड़-भाड़ व परिचालन संबंधी जरूरतें शामिल हैं। खबर है कि यह स्थिति नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन नियमों के दूसरे चरण के लागू होने के बाद पैदा हुई है। फ्लाइट कैंसिल-डिले होने का संकट एक दिन पहले से शुरू हुआ और आज को पूरे देश में हालात और भी बदतर हो गए। इंडिगो फ्लाइट कैंसिलेशन व डिले की मार सबसे ज्यादा मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, बेंगलुरु और गुजरात के छोटे एयरपोर्ट्स पर पड़ी है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय की वेबसाइट के अनुसार देशभर में एक दिन पहले 6 प्रमुख घरेलू हवाई अड्डों पर इंडिगो का ऑन टाइम परफॉर्मेंस सिर्फ 35 प्रतिशत रहा। इंदौर से मुंबई की फ्लाइट में सीट बुक करने वाले क्षितिज चंद्रसेन ने सोशल मीडिया पर शिकायत की है कि 4 दिसंबर 2025 की उनकी बुकिंग बदलकर 5 दिसंबर कर दी गई। न तो इसके लिए सहमति ली गई और न ही पूर्व सूचना दी गई। यात्री ने बताया कि इसी फ्लाइट से जुड़ी उनकी आगे की अंतरराष्ट्रीय यात्रा भी तय है। शिकायत पर प्रतिक्रिया देते हुए इंडिगो एयरलाइंस ने ट्वीट कर यात्री से अनुरोध किया कि वे अपना पीएनआर मेसेज डीएम के जरिए साझा करें, ताकि मामले की जांच कर उचित सहायता की जा सके।

राजधानी भोपाल से दो फ्लाइट्स रद्द-

भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट से इंडिगो एयरलाइन की दो सेक्टर फ्लाइट्स को रद्द किया गया है। एयरपोर्ट डायरेक्टर का कहना है कि फ्लाइट तो एक ही है, लेकिन उसके दो सेक्टर, हैदराबाद-भोपाल-रायपुर व रायपुर-भोपाल-हैदराबाद को रद्द किया गया है। यह दोनों सेक्टर आमतौर पर सुबह 9 से 10 बजे के आसपास ऑपरेट होते हैं। केवल क्रू मेंबर की कमी नहीं बल्कि एफडीटीएल भी इसका कारण है। मौसम में कहीं देरी हो जाने से एक सेक्टर प्रभावित होता है। फिर धीरे-धीरे पूरी शेड्यूलिंग अस्थिर हो जाती है और एफडीटीएल लागू हो जाता है।


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