खबर है कि आज दोपहर परासिया पुलिस टीम छिंदवाड़ा जेल पहुंची और डॉक्टर सोनी को अपने साथ ले गई। अगले तीन दिनों तक उनसे लगातार पूछताछ की जाएगी। माना जा रहा है कि जांच टीम दवा वितरण, मरीजों के इलाज व सैंपल रिपोर्ट से जुड़े कई अहम सवाल पूछेगी। वहीं दूसरी ओर चार वर्षीय अंबिका विश्वकर्मा की मौत के मामले में पुलिस ने आशीर्वाद मेडिकल स्टोर के संचालक अशोक मिश्रा व फार्मासिस्ट अनिल मिश्रा को न्यायालय में पेश किया, जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों ने बिना डॉक्टर की पर्ची के कोल्ड्रिफ कफ सिरप बेचा था। जिससे बच्ची की किडनी फेल हो गई थी। अब तक इस पूरे मामले में कुल 9 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। SIT अब यह पता लगाने में जुटी है कि जहरीला सिरप बाजार तक कैसे पहुंचा। इसके निर्माण व वितरण की प्रक्रिया में किन लोगों की सीधी भूमिका थी। डॉक्टर प्रवीण सोनी से पूछताछ के दौरान दवा सप्लाई चैन, सैंपल रिपोर्ट व इलाज के दौरान दी गई दवाओं की जानकारी पर फोकस रहेगा।