पीडि़ता ने बताया कि 25 अक्टूबर को 30 वर्षीय महिला अपने गांव से खनियाधाना खाद लेने गई थी। रास्ते में खड़ीचरा गांव में रहने वाले आरोपी मोहर सिंह जाटव ने उसे लोडिंग वाहन में जबरन बैठाकर अगवा कर लिया। आरोपी कट्टे की नोंक पर भय दिखाकर राजस्थान के रिंगस व खाटू श्याम ले गया, जहां पर कई बार दुष्कर्म किया। इसके बाद वह उसे बदरवास और अपने गांव खड़ीचरा भी लेकर गया, जहां भी उसके साथ गलत काम किया गया। आरोपी ने महिला को करीब सात दिन बंधक बनाकर रखा। इस दौरान महिला के पति ने खनियाधाना थाना में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पीडि़ता का कहना है कि जब वह 5 नवंबर को थाना पहुंची तो पुलिस ने उसकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया और दुष्कर्म की धाराओं में केस दर्ज नहीं किया। महिला ने इसके बाद एसपी ऑफिस में भी आवेदन दिया। लेकिन वहां भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। बार-बार की अनदेखी से परेशान होकर उसने दोपहर को टंकी पर चढ़कर न्याय की मांग की। करीब डेढ़ घंटे तक पुलिस और प्रशासन के अधिकारी समझाइश देते रहे, तब जाकर महिला नीचे उतरी। इधर पुलिस का कहना है कि महिला की पहले भी दो गुमशुदगी दर्ज हो चुकी थीं। वह एसपी ऑफिस पहुंची थी, जहां से उसे थाने बुलाया गया था, लेकिन वह नहीं आई। रविवार को जब वह थाने पहुंची तो महिला थाना प्रभारी नीतू सिंह अहिरवार को बुलाया गया, ताकि पीडि़ता की शिकायत दर्ज की जा सके। लेकिन वहीं नहीं आई और अब टंकी पर चढ़ गई। बाद में समझाइश के बाद महिला नीचे उतरी और आरोपी मोहर सिंह जाटव के खिलाफ रेप की धाराओं में केस दर्ज किया गया।