निर्माणाधीन परिसर में कल से शुरू होगा कारोबार, व्यापारियों की बढ़ी चिंता
जबलपुर। कटँगी बाईपास के समीप निर्माणाधीन औरैया नई मटर मंडी में अव्यवस्थाओं के बावजूद कल से खरीदी की शुरुआत होने जा रही है। परिसर का अधिकांश हिस्सा अभी भी अधूरा है,सड़कें पूरी तरह नहीं बनीं, समतलीकरण अधूरा, जगह-जगह गड्ढे, पानी भराव और निकासी की कमी,फिर भी मंडी समिति ने 1 दिसंबर से यहां मंडी संचालन का निर्णय लिया है।व्यापारियों और किसानों का कहना है कि अधूरे निर्माण के बीच मंडी संचालन शुरू करने से न सिर्फ लेन-देन प्रभावित होगा, बल्कि सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर भी दिक्कतें बढ़ेंगी। कई स्थानों पर फर्श गीला या टूटा होने से फिसलने और माल खराब होने का खतरा है। इसके बावजूद प्रशासन ने तय कार्यक्रम अनुसार मंडी को वर्तमान स्थल से यहां शिफ्ट करने के निर्देश जारी किए हैं।
आज रात से औरिया पहुँचेंगे वाहन
कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने मंडी समिति, नगर निगम और यातायात विभाग को निर्देश दिए हैं कि 30 नवंबर की रात से ही ट्रक और मालवाहक वाहन नई मंडी में प्रवेश करना शुरू कर दें। भारतीय मानक समय-2023 की धारा 163 के तहत 1 दिसंबर से इसे औपचारिक रूप से चालू माना जाएगा। पहले चरण में 8 एकड़ क्षेत्र को मंडी संचालन हेतु उपयोग में लाया जाएगा। मंडी परिसर में 136 में से कई शेड अधूरे हैं, लेकिन उपलब्ध हिस्से में ही खरीदी-बिक्री कराई जाएगी। व्यापारियों ने कहा कि फर्श पर पानी भराव और समतलीकरण की कमी सबसे बड़ी समस्या है, जबकि ट्रकों की आवाजाही भी चुनौतीपूर्ण रहेगी।
किराया फिलहाल नहीं लगेगा
कृषि उपज मंडी समिति के अनुसार, नई मटर मंडी में फिलहाल कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। मंडी शुल्क, शेड शुल्क और किराया 1 वर्ष बाद, यानी जून 2026 से लागू किया जाएगा। ठेकेदार कंपनी के अनुसार निर्माण कार्य 2025 के अंत तक पूरा कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि चरणबद्ध तरीके से शेड, सड़क, जलनिकासी और अन्य सुविधाएँ विकसित की जा रही हैं।दूसरी ओर व्यापारियों का कहना है कि अधूरी सुविधाओं में मंडी शुरू करना जल्दबाजी है और इससे अव्यवस्था बढ़ेगी। प्रशासन का दावा है कि निर्माण काम के साथ ही मंडी निरंतर चलती रहेगी और किसानों को दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।
औरैया मटर मंडी की वर्तमान स्थिति
कुल क्षेत्रफल: 14 एकड़
पहला चरण संचालन: 8 एकड़ क्षेत्र में खरीदी
शुरुआत की तारीख: 1 दिसंबर यानी कल से
वाहनों की एंट्री: 30 नवंबर की रात से
निर्माण की स्थिति: सड़कें अधूरी, कई जगह गड्ढे, फर्श पर पानी भराव, निकासी व्यवस्था अधूरी
शेड की संख्या: कुल 136, जिनमें कई अभी अधूरे
किराया/शुल्क: फिलहाल कोई शुल्क नहीं
