फर्जी पंजीयन की आशंका: तीन श्रेणी के किसानों से धान खरीदी पर रोक


कलेक्टर का आदेश: सिकमी, बटाईदार और वन पट्टाधारी किसानों से 15 दिसंबर के बाद होगी खरीदी, सत्यापन अनिवार्य

जबलपुर। जिले में एक दिसंबर  से समर्थन मूल्य पर प्रारंभ हो रही धान उपार्जन प्रक्रिया में सिकमी, बटाईदार और वन पट्टाधारी किसानों से फिलहाल धान की खरीदी नहीं की जाएगी। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने सभी खरीदी केंद्र प्रभारियों को निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट किया कि इन श्रेणियों के पंजीकृत किसानों से 15 दिसंबर तक धान नहीं खरीदी जाएगी। कलेक्टर के आदेश में कहा गया है कि प्रदेश के कुछ जिलों में ई-उपार्जन पोर्टल पर इन श्रेणियों के किसानों के आवश्यक अनुबंध दस्तावेज अपलोड न होने की शिकायतें मिली थीं। इससे फर्जी पंजीयन की आशंका बनी, जिसके चलते राज्य शासन ने ऐसे सभी किसानों का पुनः सत्यापन अनिवार्य किया है।

किसान बेफिक्र रहें:कलेक्टर

निर्देशों के अनुसार, जिले में सिकमी, बटाईदार और वन पट्टाधारी किसानों के सत्यापन की अंतिम तिथि 12 दिसंबर निर्धारित की गई है। सत्यापन का कार्य खाद्य, सहकारिता और राजस्व विभाग के संयुक्त दल द्वारा प्रत्येक पंजीयन केंद्र पर किया जाएगा। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि सत्यापन प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद ही इन श्रेणियों के किसानों से समर्थन मूल्य पर धान का उपार्जन किया जाएगा। इसके लिए खरीदी केंद्र प्रभारियों को निर्देशित किया गया है कि वे किसी भी स्थिति में सत्यापन पूर्ण होने से पहले धान खरीदी न करें। प्रशासन का कहना है कि यह कदम किसान हितों की सुरक्षा और उपार्जन प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है।

 55 केंद्रों में धान खरीदी 1 दिसंबर से,फर्जीवाड़े पर होगी पैनी नजर

 जिले में किसानों से 1 दिसंबर से समर्थन मूल्य पर धान का उपार्जन प्रारंभ होगा। इसके लिए जिले में 55 खरीदी केंद्र स्थापित किए गए हैं। किसानों से धान कॉमन 2,369 रुपये प्रति क्विंटल तथा ग्रेड-ए 2,389 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जाएगा। खरीदी सोमवार से शुक्रवार तक सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक होगी।कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि खरीदी केंद्रों पर केवल वास्तविक किसानों से ही एफएक्यू गुणवत्ता का धान खरीदा जाए तथा बिचौलियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने किसानों से अपील की कि धान साफ-सुथरा और सुखाया हुआ लेकर आएँ तथा तुलाई के बाद तौल पर्ची और पोर्टल पावती अवश्य प्राप्त करें।धान खरीदी स्लॉट बुकिंग प्रणाली पर की जाएगी। किसान www.mpeuparjan.nic.in पर सात दिन की अवधि के स्लॉट बुक कर सकेंगे। प्रदर्शित बैंक खाते को पासबुक से मिलान करना होगा। भुगतान उसी आधार-लिंक्ड खाते में किया जाएगा।


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