रेलवे स्टेशन पर किसानों को ट्रेन से उतारा, चैन्नई से विरोध प्रदर्शन करने दिल्ली जा रहे थे, स्टेशन पर रोकने जाने से किया अर्धनग्र प्रदर्शन

 

नर्मदापुरम। एमपी के नर्मदापुरम रेलवे स्टेशन पर आज शाम अफरातफरी व भगदड़ मच गई। जब चेन्नई से विरोध प्रदर्शन करने नई दिल्ली जा रहे एक किसान संगठन के लोगों को रोक लिया गया। ट्रेन से किसानों को जबरदस्ती उतारा गया। जिसपर किसानों ने विरोध जताते हुए प्लेटफॉर्म पर ही अर्धनग्न होकर प्रदर्शन कर नारेबाजी शुरु कर दी।                                                                                                                                                     
                          किसानों को रोकने के लिए 6 से ज्यादा जिलों से फोर्स बुलाई गई है। तमिलनाडु के  राष्ट्रीय दक्षिण भारतीय नदी संपर्क किसान संगठन के करीब 200 सदस्य सोमवार को जीटी एक्सप्रेस में सवार हुए थे। कुछ किसान तमिलनाडु एक्सप्रेस से भी आ रहे थे, जिन्हें इटारसी रेलवे स्टेशन पर उतारा गया। इटारसी जंक्शन पर भी पुलिस फोर्स लगाया गया है। इसके चलते कई ट्रेनें लेट हो गई हैं। भोपाल की ओर आने वाले यात्री परेशान हो रहे हैं। बताया गया है कि किसानों की दिल्ली पहुंचकर जंतर.मंतर पर आंदोलन करने की योजना थी। उन्हें दिल्ली से पहले रोकने के लिए नर्मदापुरम और इटारसी स्टेशन पर उतारने की तैयारी की गई थी। सुरक्षा और कार्रवाई के लिए नर्मदापुरम, हरदा, रायसेन, सीहोर, भोपाल व छिंदवाड़ा सहित अन्य जिलों से पुलिस, आरपीएफ व जीआरपी का फोर्स बुलाया गया है। यह भारी पुलिस बल दोपहर 3 बजे से नर्मदापुरम रेलवे स्टेशन पर तैनात था। किसान संगठन के अध्यक्ष अय्या कन्नू ने बताया कि 600 से अधिक किसान आए थे। कुछ किसान तमिलनाडु एक्सप्रेस में यात्रा कर रहे थे। अन्य किसानों को हिरासत में लिया गया। यह बहुत बहुत बुरा है। लोकतंत्र में हमें कहीं भी जाने की स्वतंत्रता है। हमने रेलवे का पक्का टिकट लिया था। उसके बाद पुलिस आई और ट्रेन को रोककर हमें ट्रेन से उतार दिया। यह संविधान के खिलाफ है। यह लोकतंत्र के खिलाफ है।

पीएम ने दो गुना लाभकारी मूल्य देने का वादा किया था-

किसान संगठन के अध्यक्ष अय्या कन्नू ने बताया कि प्रधानमंत्री ने कृषि उत्पादों के लिए दो गुना लाभकारी मूल्य देने का वादा किया था। धान का मूल्य अगर 18 प्रति किलो है तो गेहूं का भी 18 होना चाहिए। उन्होंने 54 देने का वादा किया था, लेकिन अब तक उन्होंने केवल 24 दिए हैं। इसी तरह गन्ने का मूल्य 2700 प्रति टन है। अब उन्होंने 8100 देने का वादा किया था, लेकिन अभी तक केवल 3160 ही दे रहे हैं। इसलिएए हम चाहते हैं प्रधानमंत्री अपना वादा पूरा करें।


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