पुलिस को पूछताछ में मृतक के भाई अशोक कालबेले ने बताया कि सुरेंद्र सोमवार को दिन में एक फलदान कार्यक्रम में शामिल होने के बाद शाम करीब चार बजे गांव में ही एक किसान के खेत में काम करने गया, इसके बाद देर रात तक घर नहीं आया। सुरेन्द्र के घर न लौटने से परिजन चितिंत रहे। वे यही समझे कि सुरेन्द्र फलदान कार्यक्रम से लौटा ही नहीं है। आज सुबह कुछ लोगों ने किसान सुरेन्द्र कालबेले को खेत में मृत हालत में देखा। सुरेन्द्र की लाश मिलने की खबर गांव में आग की तरह फैल गई। देखते ही देखते गांव के लोगों सहित परिजन एकत्र हो गए, जिनके बीच तरह तरह की चर्चाएं व्याप्त रही। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए शासकीय अस्पताल पहुंचाकर मर्ग कायम कर लिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पीएम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल पाएगा।