नर्सिंग-पैरामेडिकल की पढ़ाई रादुविवि के हवाले,एमयू का कद घटेगा


उच्च शिक्षा विभाग ने जारी किया आदेश, संबद्धता देने से संबंधी प्रक्रिया तेज करने की तैयारी शुरु

जबलपुर।  उच्च शिक्षा विभाग के आदेश के बाद रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय (रादुविवि) अब नर्सिंग और पैरामेडिकल कॉलेजों को सम्बद्ध करेगा। इससे विवि का कद बढ़ेगा और छात्र-छात्राओं की संख्या में भी इजाफा होगा। उच्च शिक्षा विभाग के अवर सचिव वीरन सिंह भलावी ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि सत्र 2025-26 से नर्सिंग पाठ्यक्रम की सम्बद्धता क्षेत्रीय विश्वविद्यालयों के माध्यम से संचालित की जाए। इसके लिए महाविद्यालयों को संबद्धता देने की कार्यवाही नियमानुसार शीघ्र शुरू की जाए, ताकि प्रवेश प्रक्रिया में कोई बाधा न आए।

-ऐसा है विवि का लक्ष्य 

रादुविवि के कुलसचिव प्रो. राजेश कुमार वर्मा के अनुसार, विवि ने प्रशासनिक तैयारी भी शुरू कर दी है और इसका टारगेट है कि रादुविवि नर्सिंग की परीक्षा पहले आयोजित करने वाला विश्वविद्यालय बने और परिणाम भी सबसे पहले जारी करे।

-ये फायदे हो सकते हैं

-रादुविवि का शैक्षणिक कद बढ़ेगा।

-छात्र-छात्राओं की संख्या में इजाफा होगा।

-शहर में शिक्षा का स्तर और विकल्प बढ़ेंगे।

-विवि अपने प्रशासनिक अनुभव और संसाधनों का बेहतर उपयोग कर सकेगा।

-ये हैं संभावित परेशानियां

-मध्य प्रदेश मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी का क्षेत्रीय दायरा कम होगा और इसके प्रशासनिक एवं अकादमिक प्रभाव में कमी आएगी।

-कुछ मेडिकल कॉलेजों और स्टाफ के लिए बदलाव के कारण असुविधा हो सकती है।

-शहर में दो यूनिवर्सिटी होने के कारण संसाधनों और छात्र आकर्षण में प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है।

-विशेषज्ञों का मानना है कि देर से लिया गया यह निर्णय शिक्षण की गुणवत्ता और व्यवस्थापन के लिहाज से सही है, हालांकि मेडिकल यूनिवर्सिटी के लिए यह चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है।

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