शहर की हर रोड पर इन रिक्शों से परेशान हैं लोग, पुलिस का ध्यान भी इन पर नहीं, कभी-कभी चलता है अभियान
जबलपुर। शहर में पांच हजार से ज्यादा ई-रिक्शे हैं, ये कहीं भी सवारी उतारते हैं, बैठाते हैं । ई-रिक्शा चालकों की मनमानी के चलते व्यापारी से लेकर आम लोग त्रस्त हैं। इन्होंने सड़कों को पार्किंग बना लिया है। कहीं भी वाहन रोककर सवारी उतार और बैठा रहे हैं। सबसे बुरा हाल बड़े फुहारा,गंजीपुरा और अंधेरदेव क्षेत्र का है। इन इलाकों में एक समय में 50 से ज्यादा ई-रिक्शा खड़े हो जाते हैं।
-रॉन्ग साइड से आ जाते
सड़क पर अपने वाहने से जा रहे लोगों को ज्यादा परेशानी तब होती है,जब ये ई-रिक्शा रांॅग साइड से चले आते हैं। कहीं भी गाड़ी खड़ी कर देते हैं। किसी नियम का पालन नहीं करते। इसी वजह से जाम लग जाता है। इन पर एक्शन लेने के लिए पुलिस से लेकर सभी जगह गुहार लगाई जा चुकी है, लेकिन नतीजा नहीं निकला।
-लेफ्ट टर्न में भी कब्जा
बात चाहे नगर निगम के लेफ्ट टर्न की हो या या ब्लूम चैक या फिर दूसरा कोई भी, एक भी लेफ्ट टर्न ऐसा नहीं है,जो इन रिक्शों की प्रताड़ना से कराह न रहा हो। कई चैराहों पर ट्रैफिक लोड ज्यादा है, ऊपर से ई-रिक्शा पूरी सड़क घेरकर खड़े हो जाते हैं। कई बार तो आधा रास्ता घेर लेते हैं, इस वजह से ग्रीन सिग्नल होने पर भी चैराहे पर जाम लग जाता है। तीन पत्ती चैराहे पर ये दृश्य दिन में कई बार दोहराया जाता है।
-पुलिस कब होती है एक्टिव
यातायात पुलिस को इन ई-रिक्शों से परेशानी केवल तब होती है,जब ‘ाहर में वीआईपी मूवमंेट होता है,उस दिन इन रिक्शों को नियंत्रित किया जाता है ताकि सड़कों पर जाम न लगे और अधिकारी गुस्सा न जाएं। बाकी दिनों में ई-रिक्शों की धूम जारी रहती है। पुलिस के आला अफसरान भी बखूबी जानते हैं कि जबलपुर के यातायात पर ये रिक्शे दंश बनकर चुभ रहे हैं,लेकिन इनके माथे पर शिकन तक नहीं है।
