बताया गया है कि नीमखेड़ा कटनी निवासी शालिनी पिता राजेन्द्र राजपूत उम्र 21 वर्ष सागर की यादव कालोनी में किराए का कमरा लेकर रही थी, उसके साथ रेशमा लोधी निवासी सिंदुरसी कटनी भी रहती थी। शाम के वक्त रेशमा बाजार चाय पीने के लिए गई। इस दौरान शालिनी ने किचन में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। कुछ देर बाद रेशमा चाय पीकर रूम पर पहुंची तो दरवाजा अंदर से बंद था। शालिनी को आवाज लगाई लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। संदेह होने पर मकान मालिक दुर्गेश यादव को सूचना दी। वे आए और उन्होंने वेल्डिंग वाले को बुलाया। दरवाजा खोलकर अंदर पहुंचे। जहां देखा तो किचन में शालिनी का शव फंदे से झूल रहा था। खबर मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने पूछताछ के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर परिजनों को कटनी खबर दी। पुलिस को पूछताछ में पता पता चला कि मृतका शालिनी राजपूत सागर के डॉ हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय में बीए फाइनल ईयर की पढ़ाई कर रही थी। वह यादव कॉलोनी में रूममेट के साथ किराए के कमरे में रहती थी। पिता राजेंद्र सिंह ने कहा कि बेटी ने मुझसे कोई बात नहीं है। बेटे से बात हुई थी। लेकिन अभी मुझे कोई जानकारी नहीं है। वह सागर में रहकर पढ़ाई कर रही थी। मामले की उचित जांच की जाए।