कांग्रेस प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी का आरोप: जबलपुर में बैठक, चुनाव आयोग की भूमिका पर उठाए गंभीर सवाल
जबालपुर। मध्य प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। इसी संदर्भ में शहर कांग्रेस कमेटी ने बुधवार को शहीद स्मारक भवन में नगर व देहात कांग्रेस कमेटी की संयुक्त बैठक आयोजित की, जिसमें प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया। चौधरी ने आरोप लगाया कि राजनीतिक दलों द्वारा बीएलओ-2 नियुक्त किए जा रहे हैं, जबकि यह दायित्व पूरी तरह चुनाव आयोग का है। उन्होंने कहा कि आयोग की संवैधानिक जिम्मेदारी है कि वह “शुद्ध एवं अद्यतन मतदाता सूची” तैयार करे, लेकिन प्रदेश में एसआईआर के दौरान बड़े पैमाने पर अनियमितताएँ देखने को मिल रही हैं।
-डिजिटल मतदाता सूची क्यों नहीं
बैठक को संबोधित करते हुए चौधरी ने कहा,आज के वैज्ञानिक युग में भी चुनाव आयोग डिजिटल मतदाता सूची क्यों नहीं बना रहा? यदि ऐसा हो, तो किसी व्यक्ति का नाम दो स्थानों पर होने की स्थिति एक सेकंड में पकड़ी जा सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि डिजिटलाइजेशन न करना आयोग की “मंशा पर सवाल खड़ा करता है।जबलपुर नगर कांग्रेस अध्यक्ष सौरभ शर्मा ने कहा कि सरकारी बीएलओ एसआईआर का कार्य भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं से करवा रहे हैं, जिससे यह प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं रह जाती। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने हर बूथ पर बीएलए और हर वार्ड पर वार्ड प्रभारी तैनात कर दिए हैं, जो “सरकार की बेईमानी रोकने” के लिए सतर्क रहेंगे।
-वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी
बैठक में पूर्व मंत्री तरुण भनोट, पूर्व मंत्री लखन घनघोरिया, युवा कांग्रेस अध्यक्ष यश घनघोरिया, जिला प्रभारी राजकुमार खुराना सहित कई नेता शामिल हुए।
-मीटिंग हाइलाइट्स
- कांग्रेस ने SIR प्रक्रिया में “राजनीतिक दखल” का आरोप लगाया
- प्रदेश प्रभारी ने कहा— “राजनीतिक दल बीएलओ-2 बना रहे हैं”
- चुनाव आयोग पर डिजिटल वोटर लिस्ट न बनाने का सवाल
- कांग्रेस का दावा— सरकारी बीएलओ, BJP कार्यकर्ताओं से करा रहे काम
- हर बूथ पर कांग्रेस का बीएलए और हर वार्ड में प्रभारी नियुक्त
