बताया गया है कि तीन दिन से हाथियों का झुंड शाम होते ही आमगहन व पिपरीमाल गांव आ जाता है। आमगहन में हाथियों ने एक राशन दुकान की खिड़की तोड़कर सारा अनाज खा लिया। इसके अलावा किसानों की धान की फसल को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। पहले हाथी रात के समय गांवों में आते थे, लेकिन अब शाम 5 बजे के आसपास ही पहुंचने लगे हैं। इस बदलाव से ग्रामीणों में दहशत बढ़ गई है। कई ग्रामीण अपनी सुरक्षा के लिए घरों की छतों पर चढ़कर हाथियों की निगरानी कर रहे हैं। वन विभाग के रेंजर का कहनश है कि हाथियों का झुंड वर्तमान में मोतीनाला क्षेत्र के आमगहन गांव के आसपास भड़ली बीट में मौजूद है। वन विभाग की टीमें लगातार हाथियों की गतिविधियों पर नजर रख रही हैं। हाथी दिन में नजदीकी पहाड़ी पर रहते हैं और शाम होते ही गांवों तथा खेतों की ओर आ जाते हैं। मवई, बिछिया व मोतीनाला परिक्षेत्र की टीमें लगातार हाथियों के मूवमेंट पर नजर रख रही हैं। वन विभाग का प्रयास हाथियों व ग्रामीणों के बीच किसी भी तरह के टकराव को रोकना है। कच्चे या असुरक्षित मकानों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जा रहा है। फसलों और कुछ घरों को हुए नुकसान का सर्वे भी किया जा रहा है। धान की फसल को हो रहे लगातार नुकसान से किसान बेहद चिंतित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी सहायता वास्तविक नुकसान की तुलना में कम होती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द प्रभावी कदम उठाने की मांग की हैए ताकि हाथियों को सुरक्षित रूप से जंगल की ओर वापस भेजा जा सके और गांवों में शांति बहाल हो सके।