जबलपुर के कथावाचक की विवादित टिप्पणी, छत्तीसगढ़ में गिरफ्तारी

 


जबलपुर। सतनामी समाज पर टिप्पणी कर विवादों में आए मध्यप्रदेश के कथावाचक आशुतोष चैतन्य महाराज को छत्तीसगढ़ पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उन्हें शनिवार सुबह तखतपुर में चल रही कथा के दौरान ही हिरासत में लिया। बयान सामने आने के बाद से ही क्षेत्र में तनाव की स्थिति थी, जिसे देखते हुए पुलिस ने कार्रवाई तेज की।

-आपत्तिजनक बयान से उपजा विवाद

11 नवंबर को तखतपुर में धार्मिक आयोजन के दौरान आशुतोष चैतन्य ने अपने प्रवचन में सतनामी समाज को लेकर टिप्पणी की थी। कथावाचक आशुतोष महाराज ने कहा था कि छत्तीसगढ़ में गायों की कटाई हो रही है और जो पहले सनातनी थे, वे अब सतनामी बनकर ऐसा कर रहे हैं। ये लोगों को सतनामी शब्द का अर्थ तक नहीं पता। इस टिप्पणी के वायरल होते ही समाज के लोग भड़क उठे।

-थाने का घेराव, कार्रवाई की मांग

12 नवंबर को बड़ी संख्या में सतनामी समाज के लोगों ने तखतपुर थाने का घेराव किया। कथावाचक की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की गयी। लोगों ने पुलिस पर कार्रवाई में देरी का आरोप लगाया।  इसके बाद प्रशासन ने भीड़ को शांत करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया, विवाद बढ़ता देख पुलिस ने आशुतोष चैतन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली थी।

-कथा स्थल से गिरफ्तारी

शनिवार सुबह पुलिस टीम ने तखतपुर के कथा स्थल पर पहुंचकर आशुतोष चैतन्य को गिरफ्तार किया। उन्हें थाने ले जाकर आगे की कार्रवाई शुरू की। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और कानून व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है।

-जबलपुर के निवासी हैं कथावाचक 

कथावाचक मूल रूप से जबलपुर निवासी हैं। डिंडोरी में उनका आश्रम है। उन्होंने वृंदावन धाम शंकराचार्य आश्रम में स्वामी यदुनंदन चैतन्य सरस्वती से दीक्षा ली है और उनका नाम प्रदेश के प्रमुख कथावाचकों में शामिल हैं। 

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