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फर्जी यात्रा भत्तों से करोड़ों का हेरफेर

 


एसएएफ में करोड़ों की गड़बड़ी उजागर,दो आरक्षक निलंबित, एक दर्जन पुलिसकर्मी शक के दायरे में,आरक्षक की खुदकशी के बाद मचा हड़कंप

जबलपुर। एसएएफ की रांझी स्थित छठवीं बटालियन में करोड़ों रुपये के यात्रा-भत्ता घोटाले का बड़ा मामला सामने आया है। जांच में पता चला कि वर्षों से यात्रा भत्ता शाखा में नियमों के विरुद्ध राशि का डायवर्जन किया जा रहा था। घोटाले की रकम तीन से चार करोड़ रुपये के बीच बताई जा रही है। मामले का पटाक्षेप तब हुआ जब निलंबन की कार्रवाई के बाद एक आरक्षक ने आत्महत्या कर ली। उसके खाते में पांच लाख रुपये से अधिक राशि स्थानांतरित होने की पुष्टि होने पर उसकी संलिप्तता पक्की मानी गई।

कैसे होता था घोटाला
जांच में सामने आया कि यात्रा भत्ता शाखा में पदस्थ कुछ कर्मचारी फर्जी बिलों, अनधिकृत यात्रा-दावों और काल्पनिक मंजूरियों के जरिए मोटी रकम अपने खातों में डालते थे। बाहर से आने वाली बड़ी राशि को स्थानीय खातों में ट्रांसफर कर व्यक्तिगत उपयोग किया जाता था।

दो आरक्षक निलंबित, संदिग्धों पर शिकंजा
प्रारंभिक जांच में वित्तीय अनियमितताओं के साक्ष्य मिलने पर एसएएफ ने दो आरक्षकों को निलंबित किया। इनके बैंक खातों की जांच के दौरान संदिग्ध लेन-देन सामने आया। वहीं, एक दर्जन पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है, जिनसे पूछताछ शुरू कर दी गई है।

विभाग में जाँच से हड़कंप
घोटाला उजागर होने के बाद यात्रा-भत्ता शाखा के कई अधिकारियों और कर्मचारियों को तुरंत हटाया गया है। विभागीय जांच टीम यह पता लगा रही है कि किन-किन महीनों में कितनी राशि निकाली गई और किस स्तर पर मंजूरी मिली।

आत्महत्या का मामला भी जुड़ा
निलंबित आरक्षक अभिषेक झारिया ने 12 नवंबर को जबलपुर-अहिरताल रेलवे ट्रैक पर कूदकर जान दे दी थी। घटना के बाद उसके खाते की जांच में बड़ी रकम के हस्तांतरण की जानकारी मिली।

आगे क्या होगा
जांच अधिकारियों ने संबंधित दस्तावेज, भुगतान फाइलें और बैंक एंट्री जब्त कर ली हैं। विभाग ने संकेत दिए हैं कि बड़ी वित्तीय अनियमितता में और नाम जुड़ सकते हैं। मामला फिलहाल तेजी से आगे बढ़ रहा है।

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