जिले में 1760 मामले दर्ज, लेकिन अभी तक एक भी किसान पर नहीं हुई जुर्माने की कार्रवाई
जबलपुर। जिले में पराली जलाने के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। प्रशासन की सख्ती और बार-बार की चेतावनियों के बावजूद किसान पराली में आग लगाने से नहीं थम रहे। जिले में अब तक 1760 पराली जलाने की घटनाएँ सैटेलाइट मॉनिटरिंग में दर्ज की जा चुकी हैं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि अभी तक किसी भी मामले में जुर्माने की कार्रवाई नहीं हुई है। कलेक्टर ने साफ निर्देश दिए थे कि पराली जलाने वालों पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई होगी। लेकिन इसके बाद भी शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में किसान लगातार पराली जला रहे हैं। हालात यह हैं कि प्रशासन की चेतावनी के बाद भी पराली का धुआँ लगातार आसमान में उठ रहा है और कार्रवाई सिर्फ कागज़ों में सिमटकर रह गई है।
दो सप्ताह में ही डेढ़ हजार से ज्यादा मामले
कलेक्टर द्वारा बनाई गई तीन सदस्यीय टीम ने बताया कि पराली जलाने के मामलों में अचानक तेजी आई है। सिर्फ दो सप्ताह में ही 1500 से अधिक घटनाएँ सामने आईं। पिछले सप्ताह ही 17 से अधिक नए मामले दर्ज हुए, लेकिन उनमें भी जुर्माना नहीं लगाया गया। उप संचालक कृषि डॉ. एस.के. निगम ने बताया कि किसानों को बार-बार समझाया जा रहा है कि पराली को आग लगाने के बजाय उसे मिट्टी में दबाने या रोटावेटर मशीन से खेत साफ करने जैसे उपाय अपनाएँ। उन्होंने कहा कि यदि किसान पराली जलाते पाए गए तो दो हज़ार से लेकर पांच हज़ार रुपए तक का जुर्माना और 5 एकड़ से अधिक क्षेत्र पर जलाने पर 15 हज़ार रुपए तक की कार्रवाई का प्रावधान है।
एसडीएम ऑफिस बनाएँगे रिपोर्ट
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम को सभी घटनाओं की रिपोर्ट बनाने के निर्देश दिए गए हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर ही आगामी जुर्माने और दंडात्मक कार्रवाई तय होगी। जिले में 1760 मामलों की पुष्टि के बावजूद जुर्माना शून्य होने पर अब प्रशासन की गंभीरता पर भी सवाल उठ रहे हैं। किसान पराली जला रहे हैं, पर कार्रवाई का धुआँ अब तक नहीं उठा।
