नई दिल्ली। किलोमीटर भत्ते (माइलेज अलाउंस) में बढ़ोतरी की मांग को लेकर ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन (एआईएलआरएसए) ने बड़ा फैसला लिया है। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि मंगलवार 2 दिसंबर को देश भर के लोको पायलट 48 घंटे की भूख हड़ताल पर जाएंगे और इस दौरान भूखे रहकर ही ट्रेनों का संचालन करेंगे।
एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि यदि इसके बाद भी सरकार ने किलोमीटर भत्ते में बढ़ोतरी नहीं की, तो आंदोलन को और तेज करने पर विचार किया जाएगा। माना जा रहा है कि रेल संचालन का काम काफी संवेदनशील व एकाग्रचित्त से होता है, ऐसे में यदि लगातार 48 घंटे तक लोको पायलट ट्रेन चलायेेंगे तो उनमें स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती है, जिसका प्रत्यक्ष प्रभाव यात्रियां की सुरक्षा व रेल संरक्षा पर गंभीरता से पड़ सकता है.
ये है मुख्य मांग
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि उनकी मुख्य मांग किलोमीटर भत्ते (माइलेज रेट) को तत्काल बढ़ाना है। 1 जनवरी 2024 से महंगाई भत्ता (डीए 50%) हो चुका है, जिसके कारण किलोमीटर भत्ते में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी होनी चाहिए। टीए (यात्रा भत्ता) की बढ़ोतरी उसी समय से लागू हो चुकी है, लेकिन किलोमीटर भत्ता अब तक नहीं बढ़ाया गया है। सातवें वेतन आयोग में भी यह स्पष्ट किया गया था कि माइलेज रेट को टीए (यात्रा भत्ता) के बराबर रखा जाएगा। एसोसिएशन ने कहा है कि करीब 2 वर्ष पूरे होने के बाद भी सरकार इस मामले पर कोई विचार नहीं कर रही है, जिसके विरोध में यह कदम उठाया जा रहा है।
48 घंटे की भूख हड़ताल
एआईएलआरएसए ने घोषणा की है कि 2 दिसंबर मंगलवार को पूरे भारत का रनिंग स्टाफ 48 घंटे की भूख हड़ताल पर रहेगा। इस दौरान लोको पायलट भूखे रहकर ही ट्रेनों का संचालन करेंगे। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि इस दौरान किसी लोको पायलट के साथ कोई अनहोनी होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी रेलवे प्रशासन और सरकार की होगी।
