सिहोरा समिति आर-पार की लड़ाई पर आमादा,समिति की बैठक में बनी आगे की रूपरेखा
जबलपुर। सिहोरा को जिला बनाए जाने को लेकर आंदोलन दिन-ब-दिन तेज होता जा रहा है। अब सिहोरा को जिला बनाने के लिए संघर्ष कर रही समिति के आरएसएस प्रचारक प्रमोद साहू ने ऐलान किया है कि शौर्य दिवस पर यानी 6 दिसंबर से वे सिहोरा को जिला बनाए जाने की मांग पर अन्न का त्याग कर देंगे और यदि सरकार की नजरअंदाजी जारी रही तो तीसरे दिन अर्थात 9 दिसंबर से जल का भी त्याग कर अनशन प्रारंभ किया जाएगा। समिति की आज मझौली बायपास के पास एक बड़ी बैठक बुलाई गयी,जिसमंे संघर्ष की आगे की रणनीति पर विचार किया गया।
-करो या मरो का नारा हुआ बुलंद
सभा में सभी दलों के प्रतिनिधि और सामाजिक संगठन शामिल हुए। आम आदमी पार्टी के जमुना प्रजापति ने सभी धार्मिक स्थलों से आंदोलन की आवाज बुलंद करने की बात कही। कांग्रेसी नेता अमोल चौरसिया ने भाजपा नेताओं पर झूठे वादों का आरोप लगाया। जबकि भाजपा नेता अनुपम सराफ ने पार्टी और सरकार के बीच सामंजस्य की जरूरत बताई। मुख्य वक्ताओं में प्रमोद सेठी, राजेश चौबे, लाल बहादुर पाठक, नरेंद्र त्रिपाठी, रवदीप सिंह, राकेश पाठक, नितिन साहू, नितिन सेन और मानस तिवारी शामिल थे। वक्ताओं ने सरकार को चेतावनी दी कि अब यह आंदोलन करो या मरो के अंतिम चरण में प्रवेश कर चुका है। सभा के अंत में सभी ने जन्मभूमि की कसम खाते हुए सिहोरा को जिला बनाने तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। आभार प्रदर्शन विकास दुबे ने किया।
