लोकायुक्त टीम के अधिकारियों ने बताया कि संविदाकार लकी दुबे जो ठेकेदारी भी करते है। लकी दुबे द्वारा सोलर सिस्टम लगाया गया था, जिसके भुगतान की राशि जारी करने के लिए जूनियर इंजीनियर किशोर त्रिपाठी ने दस हजार रुपए रिश्वत की मांग की थी। जिसकी शिकायत लकी दुबे ने लोकायुक्त एसपी से की। इसके बाद आज लकी दुबे आफिस पहुंचे और जूनियर इंजीनियर किशोर त्रिपाठी को दस हजार रुपए की रिश्वत दी। तभी लोकायुक्त टीम के अधिकारियों ने दबिश देकर श्री त्रिपाठी को रंगे हाथ पकड़ लिया। लोकायुक्त टीम ने इस मामले में दो अन्य कर्मचारियों को भी पकड़ा है जो जूनियर इंजीनियर के साथ थे। इस कार्रवाई से एमपीईबी आफिस में हड़कम्प मच गया, देखते देखते कई अधिकारी व कर्मचारियों की भीड़ एकत्र हो गई, जिनके बीच तरह तरह की चर्चाओं का माहौल बना रहा। लोकायुक्त टीम के अधिकारी अब तीनों कर्मचारियों से पूछताछ कर रहे हैं।