ट्रिपल आईटीडीएम के छात्रावास में छात्र के कूदने का मामला, पुलिस कर रही जांच
जबलपुर। डुमना स्थित ट्रिपल आईटीडीएम में मंगलवार को छात्रावास की चौथी मंजिल से कूदे उत्कर्ष तिवारी के मामले में बुधवार को उसके परिजनों को शव सौंप दिया गया है। बेटे की अचानक मौत से क्षुब्ध परिजनों ने खुलकर यह आरोप लगाया है कि उत्कर्ष को मारकर छात्रावास से फेंक दिया गया है। उसकी हत्या क्यों की गई है?, इसका जवाब उनके पास नहीं था।
पुलिस के मुताबिक डुमना रोड स्थित ट्रिपल आईटीडीएम में बीटेक का छात्र उत्कर्ष तिवारी मंगलवार दोपहर छात्रावास बिल्डिंग की चौथी मंजिल से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया था, जहां उसकी मौत हो गई थी। छात्र हादसे का शिकार हुआ या फिर उसने आत्महत्या की, पुलिस इसकी जानकारी लेने जुटी है। उधर, कॉलेज प्रबंधन के मुताबिक छात्र एजुकेशन लोन को लेकर परेशान था और संभवतः यही वजह है।
डुमना चौकी प्रभारी नितिन पांडे ने बताया कि बीटेक का छात्र उत्कर्ष तिवारी पिता एजुकेशन लोन के लिए किया था, आवेदन बलवरगंज निवासी चंद्रकुमार ने ट्रिपल आईटीडीएम में एक माह पहले ही दाखिला लिया था। वह ट्रिपल आईटीडीएम परिसर के छात्रावास पाणिनी के चौथे मंजिल में रहता था। दोपहर साढ़े 12 बजे के करीब छात्र के चौथी मंजिल से जमीन पर गिर गया था। उसे एम्बुलेंस से निजी अस्पताल ले जाया गया था, जहां उसकी मौत हो गई थी।
परिजन पहुंचे मेडिकल
बुधवार की सुबह उत्कर्ष के परिजन मेडिकल पहुंचे थे, जहां पुलिस की मौजूदगी में पोस्टमार्टम किया गया और शव परिजनों को सौंप दिया है। विनोद कुमार तिवारी का आरोप था कि उत्कर्ष के पीठ में चोट है, जिससे जाहिर है कि उसे मारकर उपर से फेंक दिया गया है। वह पढ़ने में होशियार था। लोन की समस्या नहीं थी। दीवाली के समय उसे एक कागज पर साइन सिर्फ करना था। उत्कर्ष का मोबाइल भी गायब है। उसके कमरे से लेकर अन्य जगहों पर ढूढ़ा था लेकिन वह नहीं मिला। पुलिस को भी यह बात बताई है।