भोपाल. एमपी की राजधानी के कोहेफिजा क्षेत्र में पिछले महीने हुई दो करोड़ रुपये की चोरी के मामले में पुलिस की जबर्दस्त लापरवाही सामने आयी है. दरअसल रायबरेली निवासी आरोपी को पुलिस ने पकडऩे में सफलता तो हासिल की, लेकिन उसे भोपाल लाने के दौरान पुलिस की लापरवाही के चलते वह रेलवे स्टेशन से फरार हो गया.
जानकारी के अनुसार, भोपाल पुलिस की चार सदस्यीय टीम शुक्रवार को रायबरेली पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया। शनिवार सुबह आरोपी को ट्रेन के माध्यम से भोपाल लाने की तैयारी थी। सब कुछ योजना के अनुसार चल रहा था, लेकिन कानपुर रेलवे स्टेशन पर पुलिस टीम नींद में थी, और इसी मौके का फायदा उठाकर आरोपी ने हथकड़ी छुड़ाई और भाग गया। पुलिसकर्मियों के जागने पर आरोपी गायब था। आसपास की तलाश के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिला और पुलिस खाली हाथ भोपाल लौट गई। इस घटना ने पुलिस की सतर्कता और सुरक्षा प्रोटोकॉल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस चोरी की घटना 29 सितंबर को कोहेफिजा के ओमनगर क्षेत्र में हुई थी। वकील आनंद पाराशर के घर में अज्ञात बदमाशों ने घर का ताला तोड़कर करीब दो करोड़ रुपये नकद और कीमती सामान पारित किया। जांच में पुलिस ने कई आरोपितों की पहचान की। इसमें सागर निवासी अंकित तिवारी, रायबरेली निवासी अज्जू उर्फ अजय शाक्य और देवू उर्फ देवाशीष शर्मा शामिल हैं। वकील की भतीजी डाली और उसके दोस्त रवि विश्वकर्मा को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं, देवाशीष शर्मा पहले से ही जेल में बंद है।
आरोपित के फरार होने से अब पूरे चोरी के मामले की जांच की दिशा अधर में लटक गई है। जनता और पीडि़त परिवार के लिए यह घटना चिंता का विषय बन गई है, क्योंकि करोड़ों रुपये की चोरी का मामला अब अनसुलझा और संदिग्धों के लिए राहत का कारण बन गया है।
