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निजी प्रोग्राम में 'सरकारी भीड़' बढ़ाने के आदेश पर एतराज!


हिंदी साहित्य का आयोजन,क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक के फरमान के बाद भोपाल तक शिकायत, प्रोफेसर नाराज

जबलपुर। एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जब जिले भर के सरकारी कॉलेजों के पास क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक, उच्च शिक्षा विभाग, जबलपुर का आदेश पहुंचा तो एक नया विवाद शुरु हो गया। कार्यक्रम 11 अक्टूबर को मप्र हिंदी साहित्य सम्मेलन स्थानीय समिति द्वारा संस्कृति थियटर कल्चलर स्ट्रीट में आयोजित किया गया था। कार्यक्रम के आयोजन के बाद अब सरकारी कॉलेजों के प्रोफेसर इस पर एतराज जता रहे हैं और भोपाल तक इसकी शिकायत भी पहुंचा चुके हैं। जल्दी ही प्राध्यापक संगठन भी एक्शन लेगा। 

-आदेश कानूनन सही है या नहीं

इस आदेश के बाद सरकारी कॉलेजों में इसी बात पर बहस छिड़ी हुई कि विशुद्ध  रूप से निजी कार्यक्रम में सरकारी अमले को उपस्थित रहने के लिए आदेशित करना कानून सही है या नहीं। अग्रणी महाकोशल कालेज को भी इस संबंध में सभी महाविद्यालयों को पत्र जारी करने के निर्देश दिए गए थे। जिसके बाद कालेज प्राचार्य ने जिले के सभी कालेजेां को पत्र जारी किया और कार्यक्रम में उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस आयोजन को लेकर सभी कालेजों और विद्यार्थियों को शाम 5.50 बजे कार्यक्रम स्थल में शामिल होने के निर्देश जारी हुए। प्राध्यापकों का कहना है कि सेवा नियमांे और सामान्य मैन्युअल में भी ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि निजी प्रोग्राम में प्राध्यापकों या किसी भी सरकारी अमले को ऐसे बुलाया जाए। ये विषय पूर्णतःएच्छिक है।

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-केवल जानकारी दी गयी थी

इस आयोजन को लेकर पत्र जो जारी किया गया था, वो साहित्य प्रेमियों को जानकारी देने के लिए था। अब उस पत्र को लेकर अकारण ही विवाद पैदा किया जा रहा है। शिकायतों की जांच हुई तो जवाब दिया जाएगा।

पंजाब राव चंदेलकर,क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक,उच्च शिक्षा विभाग

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