जबलपुर। नेताजी सुभाषचंद्र बोस केन्द्रीय कारागार में गुरूवार को नवरात्र पर परम्परागत तरीके से मां दुर्गा की उपासना के बाद उन्हें विसर्जन के लिए तिलवाराघाट भेजा गया है। मां की अंतिम विदाई पर जेल में लोगों की आंखें अश्रुपूर्ण थीं। इस दौरान सरकार से माफी ले चुके छह बंदियों को भी रिहा किया गया। नवरात्र पर जेल के शस्त्रागार में शस्त्रपूजन किया गया।
केन्द्रीय कारागार के जेलर मदन कमलेश ने बताया कि जेल में गाजे-बाजे और अबीर उड़ाते हुए मां देवी की स्तुति के बाद उन्हें विसर्जन के लिए विदा किया गया। इस दौरान जेल के पूर्वी खंड में स्थापित दुर्गा प्रतिमा को विसर्जन में ले जाने के पहले ही बंदियों ने पूजन-अर्चन किया। जेल कर्मचारियों ने भी मां की उपासना के बाद उन्हें गाजे-बाजे के साथ जेल गेट तक लाए। जेल गेट पर अंतिम पूजन-अर्चन के बाद उन्हें तिलवाराघाट भेजा गया।
जेलर का कहना है कि गांधी जयंती पर सरकार से सजामाफी प्राप्त छह बंदियों को रिहा किया गया है। ये बंदी जबलपुर, कटनी और सिवनी के हैं। इनमें बालेन्द्र सिंह, रणजीत सिंह, राधेश्याम, नरेश, राजेश राय और सुनील डयोदिया शामिल रहे।
