जबलपुर। बरगी बांध के भराव क्षेत्र में पानी की आवक तेजी से बढ़ रही है, जिससे बांध का जलस्तर खतरनाक प्वाइंट तक पहुंच चुका है। बांध के पांच गेट खोले गए हैं। बरगी बांध प्रबंधन के मुताबिक पानी की आवक को देखते हुए बांध के गेटों की उंचाई बढ़ाई जाएगी ताकि जलस्तर नियंत्रित किया जा सके।
बांध प्रबंधन के मुताबिक रानी अवंति बाई लोधी सागर परियोजना बरगी बांध का जल स्तर गुरुवार 2 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे 422ण्90 मीटर आंका गया। वर्तमान में बांध की जल उपयोगी क्षमता 3217 एमसीएम 101ण्16ःप्रतिशत है और बांध में पानी की आवक 794 क्यूमेक है।
बांध के जलस्तर को नियंत्रित करने गुरुवार शाम 6 बजे इससे जल की निकासी की मात्रा को 237 क्यूमेक से बढाकर 780 क्यूमेक किया जायेगा। इसके लिये बांध के वर्तमान में खुले 5 जल द्वार की औसत ऊंचाई बढाकर 1 मीटर की जाएगी। इससे मां नर्मदा के घाटों पर 4 से 5 फुट पानी की बढोतरी होगी। बांध में पानी की आवक के अनुसार जल की निकासी को कभी भी घटाया अथवा बढ़ाया जा सकेगा। लोगों को नर्मदा के घाटों और तटीय क्षेत्र से दूरी बनाए रखने की अपील की गई है। गौरतलब है कि डिंडौरी-मंडला में तेज बारिश की वजह से बांध के कैचमेट में एरिया में वर्षा जल का संग्रहण हो रहा है, जिससे बांध का जलस्तर क्षमता से अधिक हो रहा है, जिसे देखते हुए बांध के पहले तीन और बाद में पांच गेट खोले गए हैं। पानी की आवक को देखते हुए अब इन गेटों की उंचाई बढ़ाई जा रही हैं।
