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जेनको ने बदला पार्टनरशिप का इरादा, अब लोन से होगा 'उजाले' का इंतजाम

 

कंपनी बोर्ड ने 13 सौ 20 मेगावॉट के नए मसौदे को दी मंजूरी, 23 हजार करोड़ से दो इकाईयां होंगी स्थापित, अमरकंटक और सारणी में 660 मेगावाट की दो इकाईयों को भी हरी झंडी

जबलपुर।  मप्र पावर जनरेटिंग कंपनी  यानी जेनको बोर्ड ने अब अपना वो इरादा बदल लिया है,जिसमें वो 13 सौ 20 मेगावॉट  बिजली उत्पादन के लिए स्थापित करने के लिए साझेदारों की मदद लेने वाली थी। कंपनी ने अब बैंक से लोन लेकर ये यूनिट्स शुरु करने को मंजूरी दे दी है। अगले पांच साल में मप्र पावर जनरेटिंग कंपनी 1320 मेगावाट की दो इकाइयां स्थापित कर रही है। इसमें अमरंकट ताप विद्युत गृह में 660 मेगावाट और सारणी ताप विद्युत गृह में 660 मेगावाट की दो इकाईयां स्थापित हो रही है। दोनों ही इकाई को स्थापित करने में करीब 23 हजार करोड़ रुपये का खर्च आ रहा है। निर्माण एजेंसी भारत हैवी इलेक्ट्रिकल लिमिटेड (बीएचइएल) को बनाया गया है। एक माह में यह निर्माण कार्य प्रारंभ हो जाएगा।

-ऐसा होगा इकाईयों का स्वरूप

 मप्र पावर जनरेटिंग कंपनी अमरकंटक और सारणी में अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल (यूएससी) तकनीक वाली इकाईयां स्थापित कर रही है। इससें उच्च तापमान होता है जिससे बिजली का उत्पादन कम कोयले में होगा। इसके अलावा पर्यावरण के अनुकूल यह इकाई होगी। निर्माण के लिए पांच साल का समय दिया गया है। यानि मार्च 2030 में यह इकाई उत्पादन के लिए तैयार होगी। शासन स्तर पर जो इकाईयों के लिए लागत  का आंकलन हुआ है, उसमें अमरकंटक ताप विद्युत गृह में स्थापित होने वाली 6 सौ 60 मेगावाट की इकाई पर  11 हजार 476.31 करोड़ रुपये और सारणी ताप विद्युत गृह की 660 मेगावाट की इकाई पर 11678.74 करोड़ रुपये का व्यय आ रहा है। इसमें कुल लागत का 20 प्रतिशत राशि राज्य सरकार की तरफ से देय होगा। इसमें अमकरंटक के लिए 365 करोड़ रुपये और सारणी के लिए 431 करोड़ रुपये राज्य सरकार व्यय करेगी। इसके अलावा शेष 80 प्रतिशत की राशि कंपनी बैंक लोन ले रही है। 

-अभी कितना है पॉवर प्रोडक्शन

बैतूल के सतपुड़ा थर्मल पावर स्टेशन सारणी में 1330 मेगावाट क्षमता है। वहीं अमरकंटक ताप विद्युत गृह की 210 मेगावाट क्षमता है। नई इकाईयां स्थापित होने के बाद कोल विद्युत उत्पादन क्षमता 1320 मेगावाट और बढ़ जाएगी। वर्तमान में जेनकों के थर्मल पावर स्टेशन से 5420 मेगावाट क्षमता की इकाईयां स्थापित है। वहीं हाइड्रल में करीब 1500 मेगावाट बिजली का उत्पादन क्षमता की इकाइयां है।

-जल्दी काम शुरु करेंगे

जेनको के  कमर्शियल डायरेक्टर मिलिंद भंडाकर ने कहा कि बमुश्किल एक महीने के भीतर काम शुरु होगा। दस्तावेजी औपचारिकताएं पूर्ण हो चुकी हैं। नई इकाइयों से मप्र की बिजली जरूरतों को बहुत आराम से पूरा किया जाएगा।  

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