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खत्म नहीं हुआ अतिथि शिक्षकों का सैलरी संकट: त्योहार में भी खाते 'जीरो'

 

ई-अटेंडेंस बनी मुसीबत, नियमित टीचर्स को कोई परेशानी नहीं

जबलपुर। जबलपुर जिले के  सरकारी स्कूलों में बच्चों को पढ़ा रहे  अतिथियों के सामने आर्थिक संकट है। नियुक्ति से लेकर अब तक इन्हें वेतन नहीं मिला। तीन माह पहले इनकी भर्ती हुई थी। ई-अटेन्डेस नियम के कारण स्कूल शिक्षा विभाग ने वेतन रोक दिया है। जबलपुर जिले में एक भी अतिथि को वेतन नहीं मिला। त्योहार से ठीक पहले गुरुजी के बुरे हाल हैं।

-हाजिर होते हुए भी गैर हाजिर

स्कूल शिक्षा विभाग ने जुलाई-अगस्त में अतिथि शिक्षकों की भर्ती की । जिला स्तर पर विभाग ने सबको ज्वाइनिंग भी दे दी। इन पर नियमित की तरह भी ई-अटेन्डेस का नियम लागू किया गया। बाद में,तकनीकी दिक्कतों के चलते नियमित शिक्षको को तो इससे छूट दी गई पर अतिथि के लिए कोई प्रावधान नहीं हुए। नतीज़न, ये हाजिरी लगाने के बाद भी गैर हाजिर है। मप्र शिक्षक संगठन  ने कहा है कि वेतन न मिलने से इन शिक्षकों का पूरा परिवार प्रभावित है। त्योहारी मौके पर यह  परेशानी अधिक है। ई-अटेन्डेस के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने 'हमारे ऐप' नाम से प्लेटफॉर्म विकसित किया है। इस पर एंट्री होनी थी। अतिथि शिक्षको के मुताबिक उनके लिए कोई निर्देश नहीं है। विभाग ने हर माह की 5 तारीख को वेतन देने के निर्देश जारी किए थे पर उस पर अमल नहीं हुआ।

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