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थानाप्रभारी को ब्लैकमेल करने वाली महिला ASI बर्खास्त, TI ने खुद को गोली मारकर की थी आत्महत्या, जबलपुर में भी पदस्थ रहे हाकमसिंह पवॉर

इंदौर। इंदौर में थानाप्रभारी हाकमसिंह पवॉर आत्महत्या मामले में प्रदेश शासन ने तीन साल बाद एएसआई रंजना खोड़े को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। आफिसियल जांच में ये तथ्य सामने आए है कि रंजना खोड़े द्वारा टीआई हाकम सिंह  को ब्लैमेल किया जा रहा था। जांच अधिकारी ने माना कि इससे पुलिस की छबि धूमिल हुई है। गौरतलब है कि टीआई हाकमसिंह पवॉर जबलपुर के कटंगी थाना में भी पदस्थ रहे चुके थे।                                                 
                                 पुलिस अधिकारियों की माने तो वर्ष 2022 में इंदौर स्थित कंट्रोल रुम में टीआई हाकम सिंह पंवार ने अपनी सर्विस रिवॉल्वर से पहले एएसआई रंजना खोड़े को गोली मारी, इसके बाद स्वयं को गोली मार ली। हमले में एएसआई रंजना बच गई थी, गोली उसके कान के पास से निकल गई थी। लेकिन टीआई की मौके पर ही मौत हो गई थी। मामले की दो बार जांच कराई गई। पहली जांच एसआईटी ने की, जिसमें रंजना को दोषी पाया गया था और उसकी एक वेतनवृद्धि रोक दी गई थी, लेकिन पुलिस कमिश्नर इस जांच से संतुष्ट नहीं थे।

हमले में बची ASI ने TI के खिलाफ की थी शिकायत-

हमले में बची एएसआई ने टीआई के खिलाफ छोटी ग्वालटोली पुलिस से शिकायत की थी। इस प्रकरण में पुलिस ने मृत टीआई पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया था। इसके बाद टीआई के परिवार ने रंजना पर ब्लैकमेलिंग के आरोप लगाए थे, जिसपर पुलिस ने ब्लैकमेलिंग की धाराओं में रंजना के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया था, जिसमें रंजना की गिरफ्तारी हुई थी। उसे एक हफ्ते में ही जमानत मिल गई थी।

 पुलिस कमिश्रर नहीं थे SIT की जांच से संतुष्ठ-

पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह एसआईटी की जांच से संतुष्ठ नहीं थे। उन्होंने दोबारा जांच कराने का निर्णय लेते हुए अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर मुख्यालय आरके सिंह को जांच सौंपी। उन्होंने पाया कि रंजना टीआई को ब्लैकमेल कर परेशान कर रही थी। इससे विभाग की छवि खराब हुई है। यह भी पता चला कि हाकम सिंह पंवार की दो पत्नियां थीं और रंजना से भी उनके संबंध थे। सिंह ने जांच के बिंदुओं के आधार पर रंजना को बर्खास्त करने की सिफारिश की।


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