हमले में बची ASI ने TI के खिलाफ की थी शिकायत-
हमले में बची एएसआई ने टीआई के खिलाफ छोटी ग्वालटोली पुलिस से शिकायत की थी। इस प्रकरण में पुलिस ने मृत टीआई पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया था। इसके बाद टीआई के परिवार ने रंजना पर ब्लैकमेलिंग के आरोप लगाए थे, जिसपर पुलिस ने ब्लैकमेलिंग की धाराओं में रंजना के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया था, जिसमें रंजना की गिरफ्तारी हुई थी। उसे एक हफ्ते में ही जमानत मिल गई थी।
पुलिस कमिश्रर नहीं थे SIT की जांच से संतुष्ठ-
पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह एसआईटी की जांच से संतुष्ठ नहीं थे। उन्होंने दोबारा जांच कराने का निर्णय लेते हुए अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर मुख्यालय आरके सिंह को जांच सौंपी। उन्होंने पाया कि रंजना टीआई को ब्लैकमेल कर परेशान कर रही थी। इससे विभाग की छवि खराब हुई है। यह भी पता चला कि हाकम सिंह पंवार की दो पत्नियां थीं और रंजना से भी उनके संबंध थे। सिंह ने जांच के बिंदुओं के आधार पर रंजना को बर्खास्त करने की सिफारिश की।