कलेक्टर के आदेश के बाद भी तहसीलदारों की सुस्ती हैरतअंगेज
जबलपुर। सरकार और पूरे तंत्र की आंखों में धूल झौंककर धान परिवहन में करीब 43 करोड़ धांधली करने वालों से अब तक एक पाई की वसूली नहीं हो पाई है। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने तहसीलदारों को आरआरसी के जरिए राशि वसूली के आदेश दिए हैं। हालाकिए तहसीलदारों ने इस दिशा में अपनी सुस्ती बरकरार रखी है। उल्लेखनीय है कि इस गड़बड़झाले में राइस मिलर्स के विरुद्ध जुलाई में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। कहा गया है कि राशि जमा न करने पर आरोपियों की संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई भी की जाएगी। इस मामले में 16 राइस मिलर्स के साथ ही 12 अधिकारी.कर्मचारियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
-धान कहीं नहीं गयी,लेकिन दिखा दिया ट्रांसपोर्टेशन
इस मामले में धान के फर्जी परिवहन के फर्जी रिकॉर्ड का चौंकाने वाला खुलासा हुआ था। बीती 10 जुलाई को कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी श्रीमती नीलम उपाध्याय ने क्राइम ब्रांच में एफआईआर दर्ज करा दी थी। जिसमें कहा गया कि मिलिंग के लिए आवंटित उपार्जित धान की फर्जी परिवहन के माध्यम से गड़बड़ी को अंजाम दिया गया। जांच में सामने आया कि कुल 2 लाख 45 हजार 4 सौ क्विंटल धान का प्रतिवेदन सौंपा गया थाए जिसमें पाया गया 58 हजार 3 सौ 43 क्विंटल धान का परिवहन मान्य हुआ है। इसके अलावा 1 लाख 87 हजार 26 क्विंटल धान को परिवहन करके हेराफेरी कर दी गई है। जिसमें से 16 ऐसे मिलर हैं जिन्होंने 1 करोड़ से ज्यादा की धान खपाई है तो वहीं 27 ऐसे मिलर हैं, जिन्होंने 1 करोड़ से कम की धान खपाई है। जानकारी के अनुसार कुल 243 फर्जी वाहनों से 1 हजार 33 ट्रिप में 2 लाख 45 हजार 4 सौ क्विंटल धान का परिवहन किया गया हैए जो राइस मिलरों ने खपा दी। जिसके बाद जिला प्रशासन की जांच के बाद क्राइम ब्रांच ने नान डीएम समेत 16 राइस मिलर्स, 12 अधिकारी व कर्मचारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
