देर रात हुए घटनाक्रम सूचना मिलते ही जुन्नारदेव एसडीएमए पुलिस और रेस्क्यू दल मौके पर पहुंचे। कई घंटों की मशक्कत के बाद दोनों शवों को बाहर निकाला गया। मौके पर परासिया एसडीएम, जुन्नारदेव एसडीओपी, परासिया एसडीओपी, थाना प्रभारी राकेश बघेल, उप थाना प्रभारी मुकेश डोंगरे और अंबाडा चौकी प्रभारी संजय सोनवाने मौजूद रहे। अधिकारियों ने आज सुबह 5 बजे तक चले रेस्क्यू के बाद दोनों मृतकों व घायल को निकाल लिया। घायल को तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेज कर इलाज कराया। उसके बाद उसे छिंदवाड़ा जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहीं दोनों के शव जुन्नारदेव अस्पताल में मर्चुरी रूम में भेजा गया। पुलिस का कहना है कि रेस्क्यू के दौरान देखा कि दोनों युवक पत्थरों के नीचे दबे रहे।
बंद खदानों के आसपास सुरक्षा बढ़ाई-
घटना के बाद प्रशासन ने बंद खदानों के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी है। अधिकारियों का कहना है कि लंबे समय से बंद खदानों से कोयला चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और पिछले कुछ वर्षों में कई लोग इस तरह की दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवा चुके हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे जान जोखिम में डालकर खदानों में न जाएं।
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