जबलपुर। शहरों में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को कम करने के लिए हर शहर में शासकीय नशा मुक्ति केंद्र बनाया जाना चाहिए। यह आवाज मानव अधिकार एवं अपराध नियंत्रण ने उठाई है। संस्था ने बैठक में इस आशय का एक पत्र प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को भेजा है। संगठन को उम्मीद है कि नशे से लोगों को आजादी दिलाने के लिए यह एक सुलभ और आसान तरीका हो सकेगा। यह कहना डॉ अजय वाधवानी का था। वाधवानी ने बताया कि हर शहर में सरकारी नशा मुक्ति केंद्र, नशा मुक्ति के लिए अधिक से अधिक प्रयास कर रहे हैं। लेकिन जो नशे की गिरफ़्त में है उनके लिये नशा मुक्ति केंद्र ही रास्ता है। यदि सरकारी नशा मुक्ति केंद्र बनेगा तो काफ़ी परिवार बर्बाद होने से बच जाएंगे। नशे की गिरफ़्त युवाओं को सही दिशा और सुधार मिलेगा। बैठक में डा अमित सिसोदिया, भावना निगम, आशीष त्रिपाठी, डा अभिषेक जैन, डा आनंद बहरानी, डा कमल विश्वास, डा अशोक मेथवानी, डा श्रीकान्त साहू, आशुतोष चतुर्वेदी, रोशन मंध्यानी, विजय बवारिया शामिल रहे।
जबलपुर। शहरों में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को कम करने के लिए हर शहर में शासकीय नशा मुक्ति केंद्र बनाया जाना चाहिए। यह आवाज मानव अधिकार एवं अपराध नियंत्रण ने उठाई है। संस्था ने बैठक में इस आशय का एक पत्र प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को भेजा है। संगठन को उम्मीद है कि नशे से लोगों को आजादी दिलाने के लिए यह एक सुलभ और आसान तरीका हो सकेगा। यह कहना डॉ अजय वाधवानी का था। वाधवानी ने बताया कि हर शहर में सरकारी नशा मुक्ति केंद्र, नशा मुक्ति के लिए अधिक से अधिक प्रयास कर रहे हैं। लेकिन जो नशे की गिरफ़्त में है उनके लिये नशा मुक्ति केंद्र ही रास्ता है। यदि सरकारी नशा मुक्ति केंद्र बनेगा तो काफ़ी परिवार बर्बाद होने से बच जाएंगे। नशे की गिरफ़्त युवाओं को सही दिशा और सुधार मिलेगा। बैठक में डा अमित सिसोदिया, भावना निगम, आशीष त्रिपाठी, डा अभिषेक जैन, डा आनंद बहरानी, डा कमल विश्वास, डा अशोक मेथवानी, डा श्रीकान्त साहू, आशुतोष चतुर्वेदी, रोशन मंध्यानी, विजय बवारिया शामिल रहे।
