मौके पर मौजूद लोगों ने एम्बुलेंस से ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर रस्सी की मदद से तीनों कर्मचारियों को बाहर निकाला। अस्पताल पहुंचाया। यहां डॉक्टरों ने एक कर्मचारी को मृत घोषित कर दिया। दो का इलाज जारी है। प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि तीनों कर्मचारी बिना सुरक्षा उपकरणों के सीवर में काम करने उतरे थे। सतना में सीवर चेंबर में जहरीली गैस से कर्मचारियों की तबीयत बिगडऩे का ये दूसरा मामला है। इससे पहले 22 सितंबर को क्रिस्तुकुला स्कूल के पास पीसी स्नेहिल कंपनी ने दो कर्मचारियों से सीवर की मैनुअली सफाई कराई थी। काम के दौरान दोनों की तबीयत बिगड़ गई थी। आज एक बार फिर कृपालपुर में ऐन विराट कंपनी ने बिना सुरक्षा उपकरणों के तीन लोगों को सीवर में उतार दिया।
7 साल के बच्चे ने सबसे पहले दी जानकारी-
सफाई कर्मचारियों के सीवर लाइन के चेंबर में फंसे होने की जानकारी स्थानीय निवासी सौरभ सिंह को एक 7 साल के बच्चे ने दी। बच्चे को सीवर चेंबर से कुछ आवाजें सुनाई दींए तो पास में मौजूद सौरभ को उसने बताया। सौरभ सिंह ने जब चेंबर के पास जाकर देखाए तो अंदर किसी की मौजूदगी समझ आई। इस बीच मौके से दिवित हॉस्पिटल की एम्बुलेंस जा रही थी, उसे रोककर उससे ऑक्सीजन सिलेंडर लिया गया। फिर रस्सी के सहारे सौरभ सिंह चेंबर में उतरे और एक-एक कर सभी को बाहर निकाला गया। 2 कर्मचारियों की तो जान बच गई लेकिन तीसरे की मौत हो चुकी थी। सौरभ सिंह की इस बहादुरी की अधिकारी भी तारीफ कर रहे हैं।
परिजन को 50 लाख मुआवजा मिलेगा-
हादसे में मृत अमित कुमार कुशवाहा परिवार का इकलौता बेटा था। उसकी भी 4 बेटियां है। मृतक के परिजन को ठेका कंपनी की ओर से 20 लाख रुपए मुआवजा दिए जाने पर सहमति बनी है। वहीं हादसे की एफआईआर के बाद नगर निगम भी 30 लाख रुपए परिजन को देगा।
22 सितंबर को दो कर्मचारी बेहोश हुए थे-
22 सितंबर को दोपहर करीब 12 बजे महादेव रोड पर क्रिस्तुकुला स्कूल के पास आदर्श शुक्ला और किशन वर्मा सीवर लाइन की सफाई कर रहे थे। इसी दौरान जहरीली गैस के कारण दोनों बेहोश होकर गिर पड़े। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत अधिकारियों को सूचना दी। दोनों कर्मचारियों को बाहर निकाला।