' शिवराज ' ने किया था गठन, ' मोहन ' ने किया भंग, समाज में आक्रोश
जबलपुर। विश्वकर्मा कल्याण बोर्ड के गठन को लेकर भारतीय जनता पार्टी में दो फाड़ हो गई है। प्रदेश में चुनाव के पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बोर्ड का गठन किया था लेकिन डॉ. मोहन यादव ने इस बोर्ड को अचानक भंग कर दिया। समाज के पदाधिकारियों ने अफसोस जाहिर करते हुए कहा है बोर्ड भंग करने का फैसला विश्वकर्मा पूजन के ही दिन किया, जिससे उनकी भावनाएं आहत हुई है। श्री विश्वकर्मा समाज महासंगठन, मध्यप्रदेश के अध्यक्ष रमेश विश्वकर्मा, शरद विश्वकर्मा, ओपी विश्वकर्मा, संतोष विश्वकर्मा सहित बरगी के पदाधिकारी निर्मल और अमित विश्वकर्मा ने आक्रोश व्यक्त करते हुए बताया कि विश्वकर्मा समाज अधिकतर भाजपा समर्पित रहा। जब शिवराज सिंह चौहान सरकार ने इस बोर्ड को गठित किया तो अब मोहन सरकार ने इस बोर्ड को भंग करने की क्या आवश्यकता हो गईं। जबकि मध्य प्रदेश विश्वकर्मा समाज से न ही विधायक हैं न ही सांसद हैं। ऐसी स्थिति में हमारे समाज की आवाज को कौन उठाएगा। जबलपुर विश्वकर्मा समाज की ओर से इस निर्णय पर आपत्ति दर्ज करते हुए सरकार से मांग की गई है कि कल्याण बोर्ड को पुनः अस्तित्व में प्रभावी रूप से लागू करे अन्यथा सम्पूर्ण विश्वकर्मा समाज इसके विरोध में खड़ी होंगी।
