गायत्री पिछले एक साल से बागेश्वर धाम में हरि ओम पैलेस में रह रही हैं। उन्होंने बताया कि घुटनों के दर्द से राहत नहीं मिल रही थी। इसलिए एक देसी वैद्य से दवा ली थी। मालिश के लिए दी गई दवा को गलती से निगलने के बाद उनका मुंह जलने लगा। दवा तेजाब जैसी थी, जिससे उनकी जीभ काली पड़ गई। महिला ने तुरंत उल्टी की और बेहोश हो गईं। उन्हें साथी सरिता के साथ टैक्सी से जिला अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टर नीरज सोनी ने उन्हें मेडिकल वार्ड में भर्ती किया है। गायत्री 12 नवंबर से बागेश्वर धाम में अर्जी लगा रही थीं, लेकिन उन्हें कोई आराम नहीं मिला था।
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